सोमवार 9 मार्च 2026 - 00:50
मजिलस ए खुबरेगान रहबरी द्वारा आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई ईरान के नए सुप्रीम लीडर नियुक्त

मजलिसे खुबरेगान रहबरी ने पूर्ण जांच पडताल के पश्चात ईरान के नए सुप्रीम लीडर के पद पर आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई को नियुक्त किया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मजलिस ए खुबरेगान रहबरी (सुप्रीम लीडर के विशेषज्ञो की परिषद) ने विस्तृत और पूर्ण जांच पडताल के पश्चात कानून की धारा 108 के अनुसार अपना शरई कर्तव्य और अल्लाह को हाज़िर और नाज़िर जानते हुए रविवार को आयोजित हुई बैठक मे आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा हुसैनी खामेनई को अधिकतम राय के साथ इस्लामी गणतंत्र ईरान के तीसरे ध्वज धारक अर्थात सुप्रीम लीडर के पद पर नियुक्त किया। 

सुप्रीम लीडर के विशेषज्ञो की परिषद् के संदेश का पूरा पाठ इस प्रकार हैः

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम

ईरान की शरीफ़ और आज़ाद जनता पर सलाम और अल्लाह की रहमते नाज़िल हो।

सुप्रीम लीडर के विशेषज्ञो की परिषद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम ख़ामेनई (कद्दसल्लाहो नफ़सहूज़ ज़किया) की शहादत और दूसरे प्रिय शहीदो विशेष कर मीनाब के स्कूल के वीर शहीद छात्रो और सशस्त्र बलो के उच्च कोटि के कमांडरो की कुर्बानीयो पर संवेदना प्रकट करते हुए अमेरिका और इज़ायल की क्रूर आक्रमणता की निंदा करती है। इस परिषद ने सुप्रीम लीडर की शहादत के समाचार के तुरंत बाद, भीष्ण युद्द की स्थिति और दुशमनो के डायरेक्ट खतरो और परिषद के कार्यालय पर बमबारी के बावजूद, जिसमे कई कार्यकर्ताओ और सुरक्षा कर्मी शहीद हुए, इस्लामी गणतंत्र ईरान के ध्वजधारक के च्यन और नियुक्ति मे कोई विलमब नही हुआ।

क़ानून के अनुसार बैठक का आयोजन के सभी प्रबंध पूर्ण किए गए ताकि देश मे सुप्रीम लीडर का पद रिक्त न रहे यहा तक की क़ानून की धारा 111 के अंतर्गत नेतृत्व की कार्यवाहक समीति की स्थापना की संभावना के बावजूद मजलिस ए ख़ुबरेगान रहबरी ने और इस्लमी गणतंत्र  ईरान मे सुप्रीम लीडर के महत्व को ध्यान मे रखते हुए बीते 47 वर्षोय हिकमत और इज़्ज़त, आज़ादी पर आधारित नेतृत्व की सराहना करती है। इस परिषद ने रविवार को विशेष बैठक मे क़ानून की धारा 108 के अंतर्गत विस्तृत समीक्षा और शरई कर्तव्य और अल्लाह को हाज़िर और नाज़िर जानते हुए आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा ख़ामेनई हफ़ज़हुल्लाह को इस्लामी गणतंत्र ईरान का तीसरा ध्वजधारक अर्थात सुप्रीम लीडर के पद पर च्यन करके परिचित कराया। अंत मे क़ानून की धारा 111 के अंतर्गत कार्यवाहक समीति के सदस्यो का धन्यवाद करते हुए, ईरानी जनता विशेष रूप से अमली और इल्मी वर्गो को नए नेता के साथ निष्ठा और विलायत के महवर मे एकता बनाए रखने का निमंत्रण दिया जाता है।

अल्लाह से दुआ है कि वह अपनी कृपा और दया से देश और जनता पर सदैव कृपा बनाए रखे।

वस सलामो अलैकुम वा रहमातुल्लाह वा बराकातोह 

मजलिस ए खुबरेगान रहबरी (सुप्रीम लीडर के विशेषज्ञो की परिषद)

17 /12/ 1404 शम्सी /  8 मार्च 2026

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18 اسفند 1404 شمسی / 9 مارچ 2026ء

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