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दिन की हदीसः
धार्मिकअसली बदनसीब इंसान कौन है?
पैग़म्बर (स) ने रमज़ान के मुबारक महीने में एक रिवायत में असली बदनसीब इंसान का परिचय कराया।
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इस्लामी कैलेंडर:
धार्मिक3 रमज़ान अल मुबारक 1447 - 21 फ़रवरी 2026
हौज़ा / इस्लामी कैलेंडरः 3 रमज़ान अल मुबारक 1447 - 21 फ़रवरी 2026
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भारततारागढ़ अजमेर; मदरसा इमामिया जाफ़रिया में रमज़ान के महीने के लिए कुरान की तफ़सीर, अहकाम, अख़लाक़ और अकाइद पर स्पेशल कक्षाओ की शुरूआत
रमज़ान के पवित्र महीने के मौके पर, मदरसा इमामिया जाफ़रिया में मौलाना सैयद नकी मेदी ज़ैदी और मौलाना मुज़फ़्फ़र हुसैन की देखरेख में कुरान की व्याख्या, शरिया के नियम, नैतिकता और विश्वासों पर स्पेशल…
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उलेमा और मराजा ए इकरामईरान, फ़िलिस्तीन और इस्लामी दुनिया के ख़िलाफ़ चल रहे इंटेलेक्चुअल युद्ध में जागरूकता ज़रूरी है
पवित्र शहर क़ुम में जुमा की नमाज़ के ख़ुत्बे में हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने कहा है कि आज ईरान, फ़िलिस्तीन और प्रतिरोध की धुरी के ख़िलाफ़ एक इंटेलेक्चुअल युद्ध थोपा…
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रमज़ान के पवित्र महीने के आने पर भारत में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का इस्लामिक दुनिया को संदेश
भारतरमज़ान; ईश्वरीय दावत, आत्मा की शुद्धि और कुरान और अहले बैत (अ) के प्रति समर्पण का महीना
अपने विशेष संदेश में, भारत में इस्लामिक क्रांति के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हु्ज्जतुल इस्लाम अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस्लामिक दुनिया और रोज़ा रखने वाले लोगों को रमज़ान के पवित्र महीने के आने…
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जामिया ए मुदर्रिसीन का माह ए मुबारक रमज़ान के मुबल्लिग़ीन के लिए अहम पैग़ाम;
ईराननौजवानों को अमेरिकी व इज़राइली साज़िशों से आगाह करें
हौज़ा / जामिया ए मुदर्रिसीन हौज़ा ए इल्मिया क़ुम ने माह-ए-मुबारक रमज़ान के मुबल्लिग़ीन को हिदायत की है कि वह अमेरिकी इज़राईली फ़ित्ना और इदराकी व मुरक्कब जंग के विभिन्न पहलुओं को आम लोगों, ख़ास…
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धार्मिकहर रोज़ वसीयत लिखने का हुक्म
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व. ने देख लिया कि लोगों को लश्करे ओसामा के साथ मदीने से बाहर भेजने की तदबीर नाकाम हो गई तो आपने तय किया कि हज़रत अली (अ) की इमामत के सिलसिले में अपनी 23 साला ज़िन्दगी…
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ईरानक़ुरआन, इंसान को सेरात ए मुस्तक़ीम और कामयाबी की तरफ़ रहनुमाई करने वाली किताब है।हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन कुमैली
हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया के उस्ताद ने क़ुरआन-ए-करीम की हमागीर हिदायतगिरी पर ज़ोर देते हुए कहा कि क़ुरआन तमाम इंसानों के लिए एक आसमानी दावत है और ख़ुदाए मुतआल अपने बंदों को इसी किताब-ए-इलाही के…
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गैलरीफ़ोटो/ क़ुम में आयतुल्लाह आराफ़ी की इमामत में जुमा की नमाज़
हौज़ा/ क़ुम में आयातुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी की इमामत मे नमाज़े जुमा अदा की गई। यह जमावड़ा क़ुम की कुद्स मस्जिद में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मोमेनीन, जानकार, छात्र और आम जनता शामिल हुई।
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ईरानएपस्टीन फाइल ने पश्चिमी सभ्यता का असली और भ्रष्ट चेहरा उजागर कर दिया।हुज्जतुल इस्लाम गफूरी
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम गफूरी ने एपस्टीन द्वीप के घोटाले का जिक्र करते हुए कहा, इस केस ने पश्चिमी सभ्यता का असली और भ्रष्ट चेहरा बेनकाब कर दिया और दिखा दिया कि जो संस्कृति मानवाधिकारों की दावेदार…
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धार्मिकसाइंस की निगाह में रोज़े रखने के जिस्मानी फायदे
हौज़ा / आज हम लोग रमज़ान के मुबारक महीने मे एक दीनी कर्तव्य समझ कर रोज़े रखते हैं जो सही भी है लेकिन दीनी कर्तव्य और सवाब के अलावा भी रोज़े के बहुत से फ़ायदे हैं जिनमे से कुछ फ़ायदे हमारी सेहत…
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दुनियातनज़ानिया में अज़ीम क़ुरआनी महफ़िल का एहतिमाम, माहे रमज़ान के इस्तेक़बाल की रूह परवर तक़रीब
हौज़ा / अफ्रीकी मुल्क तंज़ानिया में माहे मुबारक रमज़ान के इस्तेक़बाल के लिए एक शानदार और रूह-परवर महफ़िल-ए-क़ुरआन का एहतेमाम किया गया, जिसमें बड़ी तादाद में उलेमा, समाजी शख्सियात और मोमिनीन ने…
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इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन
भारतमुंबई के मशहूर आलिम ए दीन मौलाना सैय्यद अनीसुल हसन ज़ैदी का निधन, इल्मी व दीनी हल्कों में ग़म की लहर
हौज़ा / उत्तर प्रदेश और मुंबई के दीनी व तालीमी हल्कों में निहायत अफ़सोसनाक ख़बर मौसूल हुई कि मशहूर आलिम ए दीन और तन्ज़ीमुल मकातिब के मुख़लिस खादिम,मौलाना सैय्यद अनीसुल हसन ज़ैदी का इंतिक़ाल हो…
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ईरानमाहे मुबारक रमज़ान, तज़किया-ए-नफ़्स और उन्स बा क़ुरआन का दोबारा मौक़ा है।हुज्जतुल इस्लाम मुहम्मद हसन शाबानअली
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मुहम्मद हसन शाबानअली ने माहे मुबारक रमज़ान को माहे नुज़ूल-ए-क़ुरआन, ज़ियाफ़त ए इलाही और ख़ुदसाज़ी, तहज़ीब-ए-नफ़्स तथा रहमत व मग़फ़िरत-ए-इलाही से इस्तिफ़ादा का क़ीमती मौक़ा…
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आयतुल्लाह मूसा मौसवी इस्फ़हानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामरोज़ा, तक़वा हासिल करने बेहतरीन मौका है।
हौज़ा / आयतुल्लाह मूसा मौसवी इस्फ़हानी ने रोज़ादारी को तक़वा-ए-इलाही तक पहुंचने के लिए 30 रोज़ा मश्क़ क़रार देते हुए कहा कि यह फ़रीज़ा-ए-इलाही इरादा और हवा-ओ-हवस के मुक़ाबले में इस्तिक़ामत की…
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उलेमा और मराजा ए इकराममाहे रमज़ान की हक़ीक़ी बरकतें विलायते अहले बैत(अ.स.) से अमली वाबस्तगी के ज़रिए ही हासिल होती हैं।आयतुल्लाह हाशमी अलीया
हौज़ा / आयतुल्लाह हाशमी अलीया ने फरमाया कि माहे रमज़ान की हक़ीक़ी बरकतें सिर्फ़ खाने-पीने से परहेज़ करने का नाम नहीं हैं, बल्कि रोज़े की असली शरायत की पाबंदी और विलायत-ए-अहल-ए-बैत(अ.स.) से अमली…
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हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन अंसारियान:
ईरानक़नाअत के ज़रिए इंसान ज़िल्लत, क़र्ज़ और अख़्लाक़ी सुक़ूत से महफ़ूज़ रहता है
हौज़ा / हुसैन अंसारियान ने तेहरान की मस्जिद हज़रत अमीर (अ.स.) में माह-ए-मुबारक रमज़ान की पहली शब ख़िताब करते हुए कहा कि क़नाअत इंसान को ज़िल्लत, क़र्ज़दारी और अख़लाक़ी सुक़ूत से महफ़ूज़ रखती है,…
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मीर तकी हुसैनी गुरगानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामइस्लामिक सिस्टम की रक्षा करना पहली प्राथमिकता है और यह कभी भी न्याय के पालन के खिलाफ नहीं है
उस्ताद मीर तकी हुसैनी गुरगानी ने कहा: इस्लाम में मैनेजमेंट और ऑर्डर को एक अमानत माना जाता है। इस्लामिक सिस्टम की रक्षा करना, जो मुख्य प्राथमिकता है, न्याय के पालन के खिलाफ नहीं है, लेकिन न्याय…
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उलेमा और मराजा ए इकराम मुक्ति का रास्ता किसमें है: अलवी सिस्टम में या उमय्या स्टाइल में?
नहजुल-बलाग़ा के सोर्स और उपदेशों के आधार पर अलवी राजनीति और उमय्या राजनीति का एक एतिहासिक रिव्यू यह साफ़ करता है कि उसूलों पर आधारित नैतिकता और ज़रूरत पर आधारित नैतिकता में एक बुनियादी अंतर है,…
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धार्मिकशरई अहकाम | यदि कोई व्यक्ति इस बात पर आश्वस्त है कि रोज़ा रखने से उसे कोई नुकसान नहीं होगा, तो वह रोज़ा रखता है और बाद में उसे पता चलता है कि रोज़ा रखना हानिकारक था, तो क्या हुक्म है?
अगर किसी व्यक्ति को भरोसा हो कि रोज़ा उसके लिए हानिकारक नहीं है और वह रोज़ा रखे और मगरिब के बाद उसे पता चले कि रोज़ा उसके लिए इतना हानिकारक था कि वह इसकी परवाह करता तो (एहतियाते वाजिब की बिना…
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आयतुल्लाह करीमी जहरमी:
उलेमा और मराजा ए इकरामएक सच्चा उपदेशक अपने कामों, नैतिकता और ईमानदारी से लोगों तक अल्लाह का संदेश पहुंचाता है
अल्लाह का संदेश सिर्फ़ उपदेशों और लाउडस्पीकरों से ही नहीं, बल्कि कामों, नैतिकता और अल्लाह के बंदों के प्रति सम्मान से भी पहुंचाया जाता है।
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गैलरीऑडियो | अनुवाद के साथ पवित्र कुरान के दूसरे पारे की तिलावत
पवित्र कुरान के दूसरे पारे के अनुवाद के साथ दिलमोह लेने वाली आवाज़ मे तिलावत सुनें और अल्लाह की आयतों के मतलब और समझ से लाभ उठाएँ।
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धार्मिकरमज़ान अल मुबारक के दूसरे दिन की दुआ
हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व.ने यह दुआ बयान फ़रमाई हैं। जिसमे आप (स) ने फ़रमायाः ख़ुदाया! मुझे इस महीने में अपनी ख़ुशनूदी से क़रीब कर दे और अपनी नाराज़गी और इंतक़ाम से दूर कर दे और तेरी (क़ुरआनी)…
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दिन की हदीसः
धार्मिक रमज़ान के महीने में जुमे की नमाज़ की फ़ज़ीलत और बरतरी
इमाम बाकि़र (अ) ने एक रिवायत में रमज़ान के मुबारक महीने में जुमे की नमाज़ की खास हैसियत और बेहतरी के बारे में बताया है।
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इस्लामी कैलेंडर
धार्मिक2 रमज़ान अल मुबारक 1447 - 20 फ़रवरी 2026
हौज़ा / इस्लामी कैलेंडरः 2 रमज़ान अल मुबारक 1447 - 20 फ़रवरी 2026
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दुनियाकनाडा में इस्लामोफोबिया के खिलाफ स्थापित ऑफिस बंद
कनाडा में इस्लामोफोबिया के खिलाफ एक स्पेशल ऑफिस बंद कर दिया गया है, जिस पर अलग-अलग ग्रुप्स में गुस्सा जताया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस फैसले से देश में मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव और नफरत…
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दुनियाईरान को शांतिपूर्ण यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है।रूस
हौज़ा / रूसी विदेश मंत्री ने कहा है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का हकदार है और निरीक्षकों की वापसी की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा…
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उलेमा और मराजा ए इकरामपहली रमज़ानुल मुबारक को आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनई की मौजूदगी में महफ़िल ए क़ुरआनी का इनइक़ाद
हौज़ा / माह-ए-मुबारक रमज़ान के पहले रोज़ रहबर-ए-इंक़िलाब-ए-इस्लामी आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनई की मौजूदगी में एक रूहानी महफ़िल-ए-क़ुरआनी का इनइक़ाद हुआ, जिसमें मुमताज़ और बैनुल-अक़वामी क़ारियों…
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भारतमौलाना मिर्ज़ा अली अकबर करबलाई की किताब "माह-ए-रहमत-ए-बरकत" का मुंबई में अनावरण
किताब "माह-ए-रहमत-ए-बरकत" एक पूरी धार्मिक गाइड है जिसमें रमज़ान के महीने की अच्छाइयों, तौर-तरीकों, कामों और दुआओं के बारे में बताया गया है। मौलाना मिर्ज़ा अली अकबर करबलाई ने कहा कि इस किताब…
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ईरानमाहे रमज़ान, सुलूक ए इबादत की शुरुआत और फ़ितरत-ए-इलाही की तरफ़ रुजूअ का मौका है।हुज्जतुल इस्लाम मुहक़्क़िकी
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मुहक़्क़िकी ने कहा कि माह-ए-रमज़ान मुबारक इंसान के लिए फ़ितरत-ए-इलाही की तरफ़ लौटने, अपने नफ़्स का मुहासिबा करने और पूरे साल की बंदगी की बुनियाद रखने का बेहतरीन मौका है।