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इराक की रक्षा के लिए हश्दुश शाअबी का रहना ज़रूरी है
हौज़ा / इराक के पीपुल्स मोबिलाइजेशन संगठन "हश्दुश शअबी" के प्रमुख ने कमांडरों की शहादत की छठी वर्षगांठ के आधिकारिक समारोह में इस संगठन के प्रमुख ने कहा कि विभिन्न देशों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सैन्य क्षमताओं और प्रौद्योगिकी का मुकाबला करने के लिए पीपुल्स मोबिलाइजेशन हथियारबंद रहना महत्वपूर्ण हैं।
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अमेरिका में वेनेज़ुएला पर सैन्य कार्रवाई के विरोध में जन प्रदर्शन
हौज़ा / अमेरिका में मुज़ाहिरिन ने वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ अमेरिकी फ़ौजी क़दम और सदर निकोलस मादुरो के अग़वा को अमेरिकी आइ़न, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और आलमी अमन के ख़िलाफ़ क़रार दिया हैं।
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इराक़ में क़ासिम सुलैमानी की भूमिका कभी नहीं भुलाई जा सकतीः इराक़ी राष्ट्रपति
हौज़ा / इराक़ के राष्ट्रपति ने बलपूर्वक कहा कि, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों के शहीदों की कुर्बानियाँ इराक़ की सुरक्षा, स्थिरता और वर्तमान लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव हैं, और इस विरासत को बनाए रखना एक राष्ट्रीय और नैतिक जिम्मेदारी है।
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ईरान को धमकाना ट्रंप की दोगली और लड़ाकू नीतियों का ही अगला कदम है: अल्लामा राजा नासिर…
हौज़ा / पाकिस्तान की मजलिस वहदत मुस्लिमीन के प्रमुख सीनेटर अल्लामा राजा नासिर अब्बास जाफरी ने वेनेजुएला के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई और ईरान के खिलाफ धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि एक संप्रभु देश पर बमबारी और घेराबंदी किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है।
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हज़रत अली (अ) का पवित्र जीवन दुनिया के मुसलमानों के लिए एक आदर्श है
हौज़ा / अल्लामा सैयद साजिद अली नक़वी ने कहा,अमीरूल मोमिनीन अ.स. के न्याय और निष्पक्षता को लागू करने का अनूखा पहलू उन्हें दुनिया के सभी शासकों से अलग और विशिष्ट बनाता है। आज भी दुनिया में अली अ.स. का न्याय एक उदाहरण और मॉडल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
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नए साल के मौके पर तुर्किये में ग़ज़्ज़ा के समर्थन में विशाल मार्च; तुर्क फ़ुटबॉल…
हौज़ा / नए साल की शुरुआत पर तुर्किये में फ़िलिस्तीन और ग़ज़्ज़ा के अवाम से इज़हार-ए-यकजहती के लिए एक बड़ी अवामी रैली निकाली गई। इस मार्च को तुर्किये के मशहूर फ़ुटबॉल क्लबों और नामी फ़ुटबॉल खिलाड़ियों की भरपूर हिमायत हासिल हुई। यह मार्च इस्तांबुल में फ़िलिस्तीन में जारी क़त्ल-ए-आम और नस्लकुशी के ख़िलाफ़ एहतिजाज के तौर पर आयोजित किया गया।
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लेबनान लगातार गिरावट का शिकार, सरकारी निज़ाम पूरी तरह ठप हो चुका है
हौज़ा / लेबनान के मशहूर जाफ़री मुफ़्ती हुज्जतुल इस्लाम शेख़ अहमद क़बलान ने नए साल के मौके पर अपने पैग़ाम में लेबनानी हुकूमत और रियासती ढांचे पर सख़्त तनक़ीद की है। उन्होंने कहा कि लेबनान अब ऐसे दौर में दाख़िल हो चुका है जिसे “क्लीनिकल मौत, समाजी ग़ुस्सा और मुकम्मल सियासी व मआशी संकट कहा जा सकता है।
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ब्रिटेन के मुसलमान फलाही मदद में सबसे आगे
हौज़ा / ब्रिटेन के मुसलमान इंसानी हमदर्दी और फलाही मदद के मैदान में सबसे आगे नज़र आ रहे हैं। एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के मुसलमान हर साल क़रीब 2.2 अरब पाउंड फलाही कामों पर ख़र्च करते हैं। यह रक़म आम ब्रिटिश नागरिकों की औसत मदद से लगभग चार गुना ज़्यादा है।
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ग़ज़्जा में मानवीय सहायता का निलंबन शर्मनाक है।संयुक्त राष्ट्र
हौज़ा / संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकारों के उच्चायुक्त कार्यालय ने ग़ाज़ा पट्टी में मानवीय सहायता गतिविधियों को निलंबित करने के इज़रायली निर्णय की कड़ी आलोचना की है और इसे शर्मनाक बताया है।
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डिजिटल एथिक्स को बढ़ावा देना समय की ज़रूरत है, डॉ. मुहम्मद ताहिर-उल-कादरी
हौज़ा/ मिन्हाज यूथ लीग के अधिकारियों से बात करते हुए, मिन्हाज-उल-कुरान मूवमेंट के हेड ने कहा कि युवाओं को ज्ञान, रिसर्च और पॉजिटिव बातचीत के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना चाहिए। झूठ, नफ़रत और देशद्रोह के बजाय, सच्चाई और शांति को बढ़ावा देना चाहिए। एक पॉजिटिव डिजिटल कल्चर को सिर्फ़ सम्मान और सहनशीलता से ही बढ़ावा दिया जा सकता है।
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ईरान और रूस ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत करने पर सहमति जताई
हौज़ा / ईरान और रूस के संयुक्त कार्य समूह की एक बैठक हुई, जिसमें रणनीतिक समझौता ज्ञापनों को प्रभावी और तेज़ी से लागू करने के संकल्प पर ज़ोर दिया गया।
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अफ़्रीका को बांटने का प्लान नए तरीके से फिर से लागू किया जा रहा है, शेख ज़कज़ाकी
हौज़ा / हमारा संबोधन उन शासकों के लिए है जो दौलत और पद के लिए अपने ही लोगों को मारते हैं। जान लें कि जब आपका काम पूरा हो जाएगा, तो वही लोग आपको मार डालेंगे जिन्होंने आपको इस काम के लिए रखा था। जैसे उन्होंने सद्दाम और गद्दाफ़ी के साथ किया था।
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ईरान और पाकिस्तान के दरमियान अमली सहयोग वक़्त की अहम ज़रूरत हैं।अल्लामा शब्बीर हसन…
हौज़ा / अल्लामा डॉ. शब्बीर हसन मीसमी ने थाईलैंड के शहर बैंकॉक में मुनाक़िद आलमी बैनुल-मज़ाहिब कॉन्फ़्रेंस में शिरकत की और ख़िताब करते हुए कहां,ईरान और पाकिस्तान के दरमियान अमली सहयोग वक़्त की अहम ज़रूरत हैं।
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इस्लाम में नफ़रत और फूट डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं है, अल्लामा अशफ़ाक वहीदी
हौज़ा / रावलपिंडी में औसपाक इंटरफेथ बोर्ड की तरफ़ से आपसी भाईचारे के टॉपिक पर एक सेरेमनी हुई।
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गज़्ज़ा पट्टी में कड़ाके की ठंड के कारण 25 फिलिस्तीनियों की मौत
हौज़ा / ग़ाज़ा पट्टी में कड़ाके की ठंड के कारण कम से कम 25 फ़िलिस्तीनियों की मौत हो गई है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। ग़ाज़ा पट्टी के नागरिक सुरक्षा एवं राहत संगठन के प्रवक्ता महमूद बासल ने आज जारी एक बयान में बताया कि हालिया भीषण ठंड के चलते 25 फ़िलिस्तीनी नागरिकों की जान चली गई है।
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आयतुल्लाह शेख मोहसिन अली नजफी का बनाया सेंटर, जो आज भी धर्म की नींव को मजबूत कर रहा…
हौज़ा / शेख-उल-जामे आयतुल्लाह शेख मोहसिन अली नजफी की दूसरी बरसी के मौके पर, मरकज़ अहले बैत (अ) गाजी कोट मनसेहरा की देखरेख में अल-हादी पब्लिक स्कूल में कुरान की तिलावत और एक शोक सभा हुई, जिसमें उनके धार्मिक, शैक्षिक और कल्याणकारी कामों को श्रद्धांजलि दी गई।
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सोमालीलैंड’ में इज़रायल हमारे लिए वैध लक्ष्य है।अंसारुल्लाह
हौज़ा / यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के नेता अब्दुल मलिक अल-हौसी ने घोषणा की है कि सोमालिया में इज़रायली शासन की किसी भी प्रकार की मौजूदगी को यमन की सशस्त्र सेनाएँ एक वैध सैन्य लक्ष्य मानेंगी।
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अबू उबैदा; ग़ासिब ईज़राईली के ख़िलाफ़ उम्र भर जद्दोजहद के बाद शहीद हुए
हौज़ा/ इस्लामी मज़ाहमती तहरीक हमास ने अल-क़स्साम ब्रिगेड के तरजुमान अबू उबैदा की शहादत की बाक़ायदा तस्दीक़ कर दी है।
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ईरानी क़ारीयो और हाफ़िज़ो का बांग्लादेश के इंटरनेशनल कुरान कॉम्पिटिशन में विशेष भागीदारी
हौज़ा/ बांग्लादेश के “अंजुमन-ए-क़ुर्रा” द्वारा ऑर्गनाइज़ किए गए अलग-अलग कुरानिक इज्तेमाअ और चौथा इंटरनेशनल हिफ़्ज़ ए क़ुरआन करीम के कॉम्पिटिशन 19 दिसंबर, 2025 को ढाका की बैतुल मुकर्रम मस्जिद में शुरू हुए। यह कुरानिक प्रोग्राम 26 दिसंबर, 2025 तक ढाका और देश के अलग-अलग शहरों में कुरानिक जमावड़ों के ऑर्गनाइज़ेशन के साथ जारी रहा।
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सोमालीलैंड में इज़रायल की मौजूदगी के ख़िलाफ़ जनआक्रोश और विरोध प्रदर्शन
हौज़ा / सोमालीलैंड में हाल ही में इज़रायल की कथित मौजूदगी और उसे मान्यता दिए जाने की चर्चाओं के बाद जनता में भारी असंतोष देखा जा रहा है। इसी के विरोध में सोमालीलैंड के विभिन्न क्षेत्रों में इज़रायल विरोधी प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया।