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दिन की हदीस | हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की तस्बीह की फ़ज़ीलत
इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ) ने एक रिवायत में हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की तस्बीह के उच्च स्थान और उसकी फ़ज़ीलत का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस | पत्नि का सम्मान
इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ) ने एक हदीस में पत्नि के साथ अच्छा व्यवहार करने और उसका सम्मान करने को मनुष्य की श्रेष्ठता का महत्वपूर्ण आधार बताया है।
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दिन की हदीस | परखे बिना किसी पर भरोसा करना
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत में लोगों को पहचानने और उनका चयन करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीस | सबसे श्रेष्ठ सदक़ा
पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) ने एक रिवायत में सदक़े के सबसे श्रेष्ठ प्रकारों में से एक का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस | बीमार की सेवा करने का सवाब
पैगंबर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत में दूसरों की मदद और सेवा करने की अहमियत बयान की है।
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दिन की हदीस | तौबा में देरी करने का परिणाम
पैगंबर हज़रत मुहम्मद (स) ने एक हदीस में तौबा करने में देरी करने के बुरे परिणामों के बारे में चेतावनी दी है।
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दिन की हदीस | तोहमत लगाना सबसे बुरा नैतिक आचरण
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में तोहमत लगाने को सबसे बुरे नैतिक व्यवहारों में से एक बताया है।
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दिन की हदीस| सदक़ा: अल्लाह के साथ व्यापार
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में सदक़ा देने को तंगहाली दूर करने और आर्थिक कठिनाइयों से राहत पाने का माध्यम बताया है।
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दिन की हदीस | दूसरों से पहले अपना सुधार करें
अमीरुल मोमिनीन हजरत अली (अ) ने एक हदीस में दूसरों के सुधार की कोशिश करने से पहले स्वयं को सुधारने पर जोर दिया है।
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दिन की हदीस | ईर्ष्यालु व्यक्ति को कभी दिल का सुकून नहीं मिलता
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक हदीस में ईर्ष्या को दिल का सुकून छिन जाने का कारण बताया है।
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दिन की हदीस | जुमा के दिन नेक कामों का दोगुना सवाब
इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ) ने एक हदीस में जुमा के दिन अधिक से अधिक इबादत और नेक काम करने पर ज़ोर दिया है।
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दिन की हदीस । क्षणभर की नफ़्सानी इच्छा लंबे समय के दुख का कारण
पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) ने एक रिवायत में क्षणिक सांसारिक इच्छाओं और उनसे पैदा होने वाले लंबे समय के दुख के दुष्परिणाम से सावधान किया है।
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दिन की हदीस | ईमान की निशानी
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में ईमान की एक निशानी का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस | तौबा किए हुए गुनाह पर लताड़ने का परिणाम
पैग़म्बर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में उस व्यक्ति को लताड़ने से मना किया है, जिसने अपने गुनाह से तौबा कर ली हो।
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दिन की हदीस | माता-पिता को कष्ट देने का परिणाम
पैग़ंबर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स.) ने एक रिवायत में माता-पिता को कष्ट देने के परिणाम और उनकी अवज्ञा के गंभीर अंजाम के बारे में चेतावनी दी है।
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दिन की हदीस | तकलीफ़ों के बदले मोमिन का इनाम
पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में तकलीफ़, बीमारी, दुख और चिंता के सामने मोमिन को मिलने वाले इनाम का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस | जुमा के दिन सलवात की फज़ीलत
इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ) ने एक रिवायत में पैग़म्बरे इस्लाम (स) और उनके अहलेबैत (अ) पर जुमा के दिन सलवात भेजने की फज़ीलत पर ज़ोर दिया है।
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दिन की हदीस | स्वास्थ्य और अधिक भोजन
इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में अधिक भोजन और अच्छे स्वास्थ्य के बीच असंगति की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीस । बंदो की तौबा से अल्लाह की खुशी
पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में बंदों की तौबा से अल्लाह की खुशी और प्रसन्नता का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस | सलाम करने में पहल करने की फज़ीलत
पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स.) ने एक रिवायत में सलाम करने में पहल करने की फज़ीलत और अल्लाह तथा उसके रसूल के निकट उसके स्थान का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस | बुराई के प्रति जिम्मेदारी
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में बुराई के प्रति इंसान की जिम्मेदारी और उसे दिल, हाथ और ज़बान से रोकने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
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दिन की हदीस | शियो की पहचान का मापदंड
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में नमाज़ के प्रति शियो की पाबंदी और नमाज़ के समय उसकी पाबंदी करने के महत्व को बयान किया है।
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आज की हदीस । ज़ुहूर के लिए इंतेज़ार
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में इमाम-ए-ज़माना (अ) के ज़ुहूर का हमेशा इंतज़ार करने पर जोर दिया है।
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दिन की हदीस । कंजूसी और दिल की कठोरता
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत में कंजूस लोगों को देखने और उनके साथ उठने-बैठने के मनुष्य के दिल और आत्मा पर पड़ने वाले प्रभाव की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीस | बच्चों को धार्मिक शिक्षा देना
इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में बच्चों को “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम” सिखाने की फ़ज़ीलत और बच्चे, शिक्षक तथा माता-पिता के लिए इसके सवाब का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस । हज़रत मासूमा (स) की ज़ियारत की फ़ज़ीलत
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में क़ुम शहर में हज़रत फ़ातिमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा की ज़ियारत की फ़ज़ीलत का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीस । सलाम करने से घर में बरकत
पैग़म्बरे अकरम (स) ने एक हदीस में सलाम करने के जीवन में भलाई और बरकत बढ़ाने वाले प्रभाव की ओर इशारा किया है।
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लोगो के बीच लोकप्रियता
इमाम हसन असकरी (अ) ने एक हदीस में इंसान के लोगों के बीच लोकप्रिय होने के एक कारण की ओर संकेत किया है।