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दिन की हदीसः
हसद के कड़वे परिणाम
हौज़ा / इमाम हादी (अ) ने एक रिवायत में इंसान की ज़िंदगी में हसद के असली और कड़वे परिणामो के बारे में बताया है।
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मुश्किलों में इबादत
हौज़ा/ हज़रत इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में हज़रत ज़ैनब (स) की रूहानी महानता और इबादत के ऊँचे लेवल की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीस:
हसद के विनाशकारी परिणाम
हौज़ा / हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में हसद के हानिकारक प्रभावों की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
मुहम्मद (स) की उम्मत पर अली इब्न अबी तालिब (अ) का हक़
हौज़ा / पवित्र पैगंबर (स) ने एक रिवायत में मुसलमानों पर अली इब्न अबी तालिब (अ) के हक़ के बारे में बताया है।
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इस्लामी कैलेंडरः
ऐसी नेकी जो पीढ़ियों तक बाकी रहती है
हौज़ा / इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में बताया है कि पिता और बेटे के आपसी बर्ताव का असर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचता है।
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दिन की हदीस:
बाप की दुआ का अस्र
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल. ने एक रिवायत में औलाद के लिए बाप की दुआ की अज़मत की ओर इशारा किया हैं।
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किसी के बुरे काम को अच्छा कहने के नतीजा
हौज़ा / इमाम जवाद (अ) ने एक रिवायत में दूसरों के गुनाहों को अच्छा समझने की बुराई की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
मेहमान, पिता और शिक्षक का आदर
हौज़ा / इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में मेहमान, पिता और शिक्षक के साथ कैसा बर्ताव करना चाहिए, यह बताया है।
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दिन की हदीसः
ये आमाल इज़्ज़त या शर्म की वजह नहीं हैं
हौज़ा / अमीरूल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में बताया है कि ऐसे आमाल न सिर्फ़ शर्म की वजह नहीं हैं बल्कि इंसान की महानता की निशानी हैं।
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दिन की हदीसः
ऐसी दुआएँ जो कभी रद्द नहीं होतीं
हौज़ा / पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में उन दुआओं का ज़िक्र किया है जो बिना किसी शक के कबूल की जाती हैं।
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दिन की हदीसः
पिता की बद-दुआ से सावधान!
हौज़ा / अल्लाह के रसूल (स) ने एक रिवायत में पिता की बद-दुआ के खतरे के बारे में चेतावनी दी है।
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दिन की हदीस:
अहंकार और घमंड का नतीजा
हौज़ा / हज़रत इमाम हादी अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में अहंकार और घमंड का नतीजे की ओर इशारा किया है
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पक्के इरादे और प्लानिंग से ग़लतियो की भरपाई करें
हौज़ा / इमाम हादी (अ) ने एक रिवायत में पक्के इरादे और प्लानिंग से ग़लतियो के पछतावे की भरपाई करने पर ज़ोर दिया है।
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नसीहत स्वीकार करना और ख़ैर ए इलाही की निशानी
हौज़ा / इमाम नकी (अ) ने एक रिवायत में बंदों के लिए खुदा की अच्छाई की निशानी बताई है; एक ऐसी निशानी जो लोगों के रोज़ाना के व्यवहार में भी देखी जा सकती है।
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औरतों के लिए सबसे अच्छा सिफ़ारिश करने वाला
हौज़ा / हज़रत इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ) ने अल्लाह की नज़र में औरतों के लिए सबसे अच्छा सिफ़ारिश करने वाले के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
अल्लाह की नज़र में सबसे इज्ज़तदार इंसान
हौज़ा / इमाम मुहम्मद बाकिर (अ) ने एक रिवायत में अल्लाह की नज़र में सबसे इज्ज़तदार इंसान के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
सिले रहम का न्यूनतम मानक
हौज़ा/ पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में सबसे आसान और सबसे कम तरह की सिले रहमी के बारे में बताया है।
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अहले बैत की मोहब्बत के करीब जाने का तरीका
हौज़ा/ इमाम महदी (अ) ने एक रिवायत में अहले बैत (अ) की मोहब्बत के करीब जाने का मुख्य मानक की ओर इशारा किया हैं।
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अहले-बैत (अ) से प्यार करने वाले का मानक
हौज़ा / हज़रत इमाम महदी (अ) ने एक रिवायत में अहले-बैत (अ) के प्यार के बेसिक मानक बताए हैं।
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फ़ज़ूलखर्ची का सबसे कम उदाहरण
हौज़ा / इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में फ़ज़ूलखर्ची का सबसे कम उदाहरण बताया है।
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दिन की हदीसः
खाने में इसराफ़ की हदें
हौज़ा / अल्लाह के रसूल (स) ने एक रिवायत में रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इसराफ़ के एक छिपे हुए रूप के बारे में बताया है।
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बरकत को कम करने वाली चीज़
हौज़ा / इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में फ़ज़ूलखर्ची के नतीजों के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
बरकत में कमी का कारण
हौज़ा / इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में फ़ज़ूलखर्ची के नतीजों के बारे में बताया है।
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दिन की हदीस:
हज़रत अमीरुल मोमिनीन अलैहिस्सलाम की नज़र में इसराफ की निंदा
हौज़ा / हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में इसराफ (फज़ूल खर्ची) की निंदा की है।
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ग़रीबी और मुश्किल की वजह!
हौज़ा / अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में ग़रीबी और मुश्किल की एक मुख्य वजह बताई है।
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हज़रत इमाम ज़मान (अ) का मक़ाम और मंज़िलत
हौज़ा / हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में हज़रत वली-ए-अस्र (अ) के मक़ाम और मंज़िलत के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
पैग़म्बर (स) की नज़र में माँ का बेमिसाल दर्जा
हौज़ा/ पैग़म्बर (स) ने एक हदीस में माँ के बेमिसाल दर्जे के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
माँ की दुआ का हैतर अंगेज़ असर
हौज़ा/ पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि व सल्लम) ने एक रिवायत में माँ की दुआ के हैरत अंगेज़ असर के बारे में बयान फ़रमाया है।