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दिन की हदीसः
हज़रत ज़हरा (स) की तस्बीह की फ़ज़ीलत
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की तस्बीह के उच्च स्थान और महान महत्व की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीसः
नमाज़; अल्लाह के नज़दीक सबसे महबूब अमल
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) एक रिवायत में अल्लाह की बारगाह में नमाज़ के विशेष स्थान की ओर संकेत करते हैं।
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दिन की हदीसः
हिकमत और तक़दीर ए इलाही पर भरोसा
इमाम मूसा काज़िम (अ) ने एक रिवायत में मोमिनों को अल्लाह के बारे में अच्छा गुमान रखने और उसकी हिकमत व प्रबंधन पर भरोसा करने की शिक्षा दी हैं।
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दिन की हदीसः
ग़दीर का दिन आसमान मे ज़मीन से अधिक मशहूर
एक रिवायत मे इमाम रज़ा (अ) ने ग़दीर की अज़मत की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
मोमेनीन की सबसे बड़ी ईद
इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में मोमेनीन की सबसे बड़ी ईद के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
हर काम को उसके पनपने से पहले प्रकट कर देने का परिणाम
इमाम हादी (अलैहिस्सलाम) ने कामों के सुदृढ़ होने से पहले उन्हें प्रकट करने की आफत की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
अपने से कम दर्जे के लोगों पर गुस्सा
इमाम हादी (अ) ने एक रिवायत में अपने अधीन काम करने वाले लोगों पर क्रोधित होने के मुद्दे की ओर इशारा किया है।
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दुनिया की विशेषताएँ
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में दुनिया की विशेषताओं की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीसः
दुनिया के बहाने दीन को त्यागना
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में दुनिया को सुधारने के लिए दीन के मामलों को छोड़ने के अंजाम की ओर इशारा किया है।
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ईद-उल-अज़हा की फज़ीलत
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने ईद-उल-अज़हा के दिन की फ़ज़ीलत की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
अराफ़ात में सबसे बड़ा गुनहगार
पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत में अराफ़ात की धरती में सबसे अधिक गुनहगार व्यक्ति की ओर इशारा किया है।
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अल्लह से डरने वालो से सलाह
इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ) ने एक रिवायत मे ऐसे लोगो से सलाह लेने की ओर इशारा किया है जो अल्लाह से डरते है।
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अबा अब्दिल्लाहिल हुसैन (अ) के चाहने वालों के लिए इमाम सादिक (अ) की सलाह
इमाम हुसैन (अ) की ज़ियारत और उन पर सलाम भेजने की अहमयत इतना अधिक है कि उसे न बयान के दायरे में समेटा जा सकता है और न ही कलम उसे लिखने की ताकत रखता है। चाहे तुम उनकी कब्र के पास हो या दूर, तुम्हारा ख़ालिस सलाम उन तक पहुँचता है। और यही वह बेहद ऊँची शान है जो चाहने वालों को कल्पना के पार मुकाम की ओर बुलाती है।"
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दिन की हदीसः
बुद्धि और धर्म का संबंध
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत मे बुद्धि और धर्म के संबंध के बारे मे इशारा किया है।
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फ़रिश्तों को आपके लिए दुआ करने पर मजबूर करने वाली दुआ
वह दुआ जो अपनी सीमा से आगे निकल जाए , आसमान में ऐसे आईने की तरह कई अरब गुना बढ़ जाती है कि गोया सारे फ़रिश्ते तुम्हारे लिए हाथ उठाकर दुआ कर रहे हैं।
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दिन की हदीसः
पेट की सुरक्षा, अक़्ल की बर्बादी
इमाम हसन मुज्तबा (अ) ने एक रिवायत मे पेट की सुरक्षा और अक़्ल की बर्बादी की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
मोमिन पर तोहमत लगाने के अंजाम
इमाम सादिक़ (अ) ने एक रिवायत मे दीनी भाई पर तोहमत लगाने के अंजाम की ओर इशारा किया है।
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हज़रत अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) के नज़दीक हज़रत ज़हरा (स) का मक़ाम
हज़रत अमीरूल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत मे हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) के साथ साझा जीवन मे उनके अखलाक़ और चरित्र की ओर इशारा किया है।
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इमाम हादी (अ) को इमाम जवाद (अ) की शहादत की सूचना कैसे मिली?
हारून बिन फ़ज़्ल कहते हैं: मैंने इमाम हादी (अ) को उस दिन देखा जिस दिन इमाम जवाद (अ) का निधन हुआ। उन्होंने कहा: «إِنَّا لِلَّهِ وَ إِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ» (हम अल्लाह के हैं और उसी की ओर लौटकर जाने वाले हैं), अबू जाफ़र (इमाम जवाद) (अ.स.) का देहांत हो गया। उनसे पूछा गया: आपको कैसे पता चला? उन्होंने फरमाया: "मेरे दिल में अल्लाह के लिए एक ऐसी विनम्रता और नम्रता (ज़िल्लत) समा गई जिसे मैं पहले नहीं जानता था।" इमामत (नेतृत्व) के पद के लिए अल्लाह की परम पहचान और उसके प्रति पूर्ण विनम्रता आवश्यक है।
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अल्लाह की रज़ा तक पहुचने का रास्ता
इमाम जवाद (अ) ने एक रिवायत मे अल्लाह की रज़ा तक पहुचाने वाली तीन चीज़ो की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
हराम चीज़ों से आँखें बंद करना
हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली (अ) ने एक रिवायत में आँखों का तक़्वा अपनाने की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
दान-ख़ैरात के माध्यम से आजीविका प्राप्त करना
अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत मे दान-ख़ैरात के माध्यम से आजीविका (रोज़ी) प्राप्त करने की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
गुनाहगार को निराश न करना
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत मे गुनाहगार को निराश न करने की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
दूसरो को बुरा भला कहने से पहले अपनी गलतीयो की फ़िक्र
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत में दूसरों की ग़लतीयो को देखने से पहले अपनी ग़लतीयो पर ध्यान देने की नसीहत की है।
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अपमान करने वाले व्यक्ति से दूरी
इमाम हसन मुज्तबा (अ) ने ऐसे लोगो से दूरी बनाने का आदेश दिया है जो दूसरो की इज़्ज़त का ख़याल नही करते।
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मोमिन भाई की मदद और लाभ पहुँचाने का सवाब
एक रिवायत मे पैग़म्बर (स) ने मोमिन भाई की मदद और लाभ पहुँचाने से संबंधित सवाब की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीस:
लोगों की ज़रूरतों को पूरी करना नेमत या ज़हमत?
हौज़ा / हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में लोगों की ज़रूरतों को पूरी करना नेमत बताया हैं।
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दिन की हदीसः
लोगो की ज़रूरत पूरा करने की फ़ज़ीलत
एक रिवायत मे इमाम हुसैन (अ) ने लोगो की मोमेनीन से मांगो और ज़रूरते अल्लाह की तरफ से नेमत होने के संबंध मे इशारा किया है।