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  • नई दिल्ली में ‘क्या सूफीवाद एक समानांतर धर्म है?’ विषय पर गंभीर चर्चा

    नई दिल्ली में ‘क्या सूफीवाद एक समानांतर धर्म है?’ विषय पर गंभीर चर्चा

    नई दिल्ली में ‘क्या सूफीवाद एक समानांतर धर्म है?’ विषय पर आयोजित एक विद्वतापूर्ण परिचर्चा में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सादिक हुसैनी ने शिया इमामिया दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए सूफीवाद को समानांतर धर्म मानने के सवाल को निराधार बताया। परिचर्चा में विद्वानों ने सूफीवाद की धार्मिक स्थिति, इस्लामी शिक्षाओं से उसके संबंध और वर्तमान युग में उसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की।

  • सहीफ़ा-ए-सज्जादिया: इमाम ज़ैनुल आबिदीन (अ.) की इल्मी और वैचारिक विरासत का एक उज्ज्वल नमूना: डॉ. सैयद शहवार हुसैन नक़वी

    सहीफ़ा-ए-सज्जादिया: इमाम ज़ैनुल आबिदीन (अ.) की इल्मी और वैचारिक विरासत का एक उज्ज्वल…

    भारत के अमरोहा स्थित मस्जिद-ए-इमामिया में हज़रत इमाम ज़ैनुल आबिदीन (अ.) के शुभ जन्मदिवस के अवसर पर उनके जीवन और शिक्षाओं पर भाषण देते हुए मौलाना शहवार हुसैन नक़वी ने कहा कि हमारे पास इमाम (अ.) की एक अमानत है, जिसे सहीफ़ा-ए-सज्जादिया कहा जाता है। यह इमाम ज़ैनुल आबिदीन, हज़रत इमाम अली बिन अल-हुसैन (अ.) की महान दुआओं का संग्रह है।

  • जन्नतुल बक़ी के पुनर्निर्माण तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा: मौलाना महबूब मेहदी आबिदी

    जन्नतुल बक़ी के पुनर्निर्माण तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा: मौलाना महबूब मेहदी आबिदी

    जन्नतुल बक़ी में इमामों और अन्य पवित्र हस्तियों की मज़ारों के पुनर्निर्माण की मांग दोहराते हुए उलमा ने इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। अमेरिका के शिकागो स्थित अल-बक़ी ऑर्गनाइज़ेशन की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने निर्माण-ए-बक़ी को धार्मिक और ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी बताते हुए उम्मीद जताई कि इंशाअल्लाह, एक दिन वहां भव्य रौज़े का निर्माण होगा।

  • जागरूक नेतृत्व में निरंतरता-ए-इमामत और साम्राज्यवाद की पराजय

    जागरूक नेतृत्व में निरंतरता-ए-इमामत और साम्राज्यवाद की पराजय

    हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सफदर हुसैन ज़ैदी ने अपने लेख में कर्बला की ऐतिहासिक विरासत से लेकर वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों तक नेतृत्व की निरंतरता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह इमाम सज्जाद अ.स. और हज़रत ज़ैनब स.अ.ने कर्बला के बाद सत्य और न्याय का संदेश जीवित रखा, उसी तरह नेतृत्व में निरंतरता विरोधियों की साज़िशों को विफल कर सकती है। लेख में विशेषज्ञ परिषद के निर्णय, विलायत-ए-फ़क़ीह और साम्राज्यवाद की पराजय को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।

  • विलायत की रक्षा से लेकर नई पीढ़ी की तरबीयत तक, हज़रत फ़ातिमा ज़हरा की सीरत आज भी मार्गदर्शन का प्रकाशस्तंभ है : आगा सय्यद मुहम्मद हादी मूसवी

    विलायत की रक्षा से लेकर नई पीढ़ी की तरबीयत तक, हज़रत फ़ातिमा ज़हरा की सीरत आज भी…

    अय्याम-ए-फ़ातिमिया और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा की शहादत के अवसर पर आयतुल्लाह सय्यद यूसुफ मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आगा सय्यद मुहम्मद हादी मूसवी ने बडगाम स्थित मदरसतुल कुरआन दारुल अली, मीरगुंड तथा मस्जिद इमाम ज़माना, मुख्य बाज़ार बडगाम में आयोजित मजलिसों को संबोधित किया। इस दौरान ज़ाकिरों और अज़ादारों ने मर्सिया पढ़कर पैगंबर-ए-इस्लाम की सुपुत्री हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • पटना में मरहूम हाफिज मौलाना फरमान अली की 150वें जन्म दिन पर भव्य संगोष्ठी का आयोजन

    पटना में मरहूम हाफिज मौलाना फरमान अली की 150वें जन्म दिन पर भव्य संगोष्ठी का आयोजन

    बिहार की राजधानी पटना में आगामी 1 नवंबर 2026, रविवार को हाफिज मौलाना सैयद फरमान अली रहमतुल्लाह अलैह की 150वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मदरसा सुलेमानिया, नवाब बहादुर रोड, पटना सिटी में सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। इसका आयोजन मजलिस-ए-उलेमा व खुतबा-ए-इमामिया बिहार और मोमिनीन-ए-अज़ीमाबाद के तत्वावधान में किया जा रहा है।

  • जम्मू-कश्मीर में अय्याम-ए-फ़ातिमिया के अवसर पर हसनाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन

    जम्मू-कश्मीर में अय्याम-ए-फ़ातिमिया के अवसर पर हसनाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़े में…

    कुरआन और अहलेबैत की शिक्षाओं से जुड़ाव ही मार्गदर्शन के रास्ते पर दृढ़ रहने की गारंटी है : आगा सैयद मुजतबा अब्बास मूसा्वी सफवी

  • हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स.अ.) की सही पहचान के बिना फ़ातिमी बनना संभव नहीं: मौलाना नकी महदी ज़ैदी

    हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स.अ.) की सही पहचान के बिना फ़ातिमी बनना संभव नहीं: मौलाना नकी…

    अजमेर के तारागढ़ में आयोजित मजलिस-ए-अज़ा को संबोधित करते हुए मौलाना सय्यद नकी महदी ज़ैदी ने हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के बेमिसाल मक़ाम और मरतबे की तुलना शबे-क़द्र से करते हुए कहा कि आपकी वास्तविक पहचान और महानता को समझना मानवीय बुद्धि और समझ से परे है। उन्होंने कहा कि ग़मे-फ़ातिमा को सही मायने में महसूस करना और अपने दुख को हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की सीरत और मज़लूमियत के अनुरूप ढालना ही फ़ातिमी जीवन की पहचान है।

  • हजरत फ़ातिमा ज़हरा (स) की सीरत पर अमल नेक समाज के निर्माण और सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए आवश्यक है: आगा सय्यद हसन मूसवी

    हजरत फ़ातिमा ज़हरा (स) की सीरत पर अमल नेक समाज के निर्माण और सामाजिक कुरीतियों को…

    अय्याम-ए-फ़ातिमिया के अवसर पर अंजुमन-ए-शरई शियान के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आगा सय्यद हसन मूसवी सफवी ने हजरत फ़ातिमा ज़हरा (स) की सीरत और शिक्षाओं को एक नेक समाज के निर्माण, महिलाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा तथा नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधार और नई पीढ़ियों की सही परवरिश में महिलाओं की भूमिका बुनियादी महत्व रखती है। उन्होंने जोर दिया कि हजरत फ़ातिमा ज़हरा (स) की सीरत को व्यावहारिक जीवन में अपनाना ही एक सम्मानजनक, पवित्र और नेक समाज के निर्माण का प्रभावी आधार है।

  • अज़ा-ए-फ़ातिमिया अत्याचार के विरुद्ध आवाज़ उठाने और विलायत की रक्षा का प्रतीक है: मौलाना सय्यद सुबैहुल हसन रिज़वी

    अज़ा-ए-फ़ातिमिया अत्याचार के विरुद्ध आवाज़ उठाने और विलायत की रक्षा का प्रतीक है:…

    हजरत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा की शहादत की रात के अवसर पर जामिया इमाम महदी, आजमगढ़ में मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन किया गया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद सुबैहुल हसन रिज़वी ने अज़ा-ए-फ़ातिमिया को अत्याचार के विरुद्ध आवाज़ उठाने, सत्य का समर्थन करने, विलायत की रक्षा करने तथा समाज में न्याय और इंसाफ की स्थापना के लिए जागरूकता पैदा करने का प्रभावी माध्यम बताया।

  • समाज सुधार और उम्मत की एकता विद्वानों और प्रचारकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है: आगा सय्यद मोहम्मद हादी मूसवी

    समाज सुधार और उम्मत की एकता विद्वानों और प्रचारकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है: आगा…

    बेमिना बडगाम स्थित आयतुल्लाह यूसुफ इमामबाड़े में आगा सैयद मोहम्मद फ़ज़लुल्लाह मूसवी सफवी की बरसी के अवसर पर संबोधित करते हुए आगा सैयद मोहम्मद हादी मूसवी सफवी ने समाज सुधार, कुरआन और अहलेबैत से जुड़ाव तथा मुसलमानों की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्वानों और धर्म प्रचारकों को सामाजिक बुराइयों और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए उम्मत के सुधार में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सर सैयद अहमद खान की 209वीं जयंती पर कार्यक्रम, उनकी शैक्षिक सेवाओं को किया गया याद

    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सर सैयद अहमद खान की 209वीं जयंती पर कार्यक्रम, उनकी…

    भारत की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के संस्थापक, लेखक, पत्रकार और समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान की 209वीं जयंती के अवसर पर एक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

  • मदरसा जाफरिया तारागढ़, अजमेर में फातिमा शनासी की कक्षाएं शुरू; हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) और शब-ए-क़द्र के बीच 18 आध्यात्मिक समानताएं

    मदरसा जाफरिया तारागढ़, अजमेर में फातिमा शनासी की कक्षाएं शुरू; हज़रत फ़ातेमा ज़हरा…

    भारत के अजमेर स्थित मदरसा जाफरिया तारागढ़ में फातिमा शनासी (हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) के व्यक्तित्व और शिक्षाओं की पहचान) की कक्षाएं शुरू हुई हैं। इन कक्षाओं में इमामे जुमा हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सय्यद नकी महदी ज़ैदी ने हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) और शब-ए-क़द्र के बीच 18 आध्यात्मिक समानताओं का उल्लेख करते हुए फ़ातिमी शिक्षाओं को समझने और उन्हें आम लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

  • अलीपुर में अय्याम-ए-फ़ातिमिया के आयोजन में अंजुमन-ए-जाफ़रिया की अहम भूमिका

    अलीपुर में अय्याम-ए-फ़ातिमिया के आयोजन में अंजुमन-ए-जाफ़रिया की अहम भूमिका

    कर्नाटक के अलीपुर में अय्याम-ए-फ़ातिमिया (विशेष दिनों) के कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने, मजलिसों की व्यवस्था, अनुशासन और सुरक्षा संबंधी मामलों की निगरानी में अंजुमन-ए-जाफ़रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अंजुमन के पदाधिकारी इमामे जुमा के साथ आपसी परामर्श से अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

  • दिल्ली में इमारत-ए-शरिया हिंद की अहम बैठक: इस्लाम की रक्षा और नई पीढ़ी के ईमान के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की अपील

    दिल्ली में इमारत-ए-शरिया हिंद की अहम बैठक: इस्लाम की रक्षा और नई पीढ़ी के ईमान के…

    नई दिल्ली में इमारत-ए-शरिया हिंद की मजलिस-ए-शूरा की एक दिवसीय बैठक में संगठन को मज़बूत बनाने, शरई अदालतों के विस्तार तथा धार्मिक और पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मौलाना सय्यद अरशद मदनी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में इस्लाम की रक्षा, नई पीढ़ी के ईमान और अक़ाइद के संरक्षण, प्रचारकों की नियुक्ति तथा धार्मिक मार्गदर्शन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

  • भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि की बीएपीएस के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता से मुलाक़ात

    भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि की बीएपीएस के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता…

    भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 के अवसर पर वैश्विक हिंदू धार्मिक एवं सामाजिक संगठन बीएपीएस के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर के प्रमुख ब्रह्मविहारी स्वामी जी से मुलाक़ात की।

  • नमाज़ की पाबंदी तमाम मुश्किलात का हल है:मौलाना मासूम रज़ा कैफ़ी

    नमाज़ की पाबंदी तमाम मुश्किलात का हल है:मौलाना मासूम रज़ा कैफ़ी

    हौज़ा / जौनपुर। इमाम ए जुमआ भादी, शाहगंज मौलाना मासूम रज़ा कैफ़ी ने जुमे के ख़ुत्बे में नमाज़ की अहमियत बयान करते हुए मुसलमानों से इबादत की पाबंदी, क़ुरआन से मज़बूत रिश्ता और आपसी इत्तेहाद कायम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि नमाज़ इंसान को अल्लाह से जोड़ने वाली अहम इबादत है, जबकि मुस्लिम उम्मत की ताक़त उसकी एकता में निहित है।

  • इस्लाम में दाढ़ी रखना ईश्वरीय आज्ञापालन और अहले बैत (अ) की शिक्षाओं पर अमल का हिस्सा है: मौलाना सय्यद ज़िया अब्बास नक़वी

    इस्लाम में दाढ़ी रखना ईश्वरीय आज्ञापालन और अहले बैत (अ) की शिक्षाओं पर अमल का हिस्सा…

    गुजरात के वडोदरा स्थित हुसैनी इमामबाड़े के इमामे जुमा मौलाना सैयद ज़िया अब्बास नक़वी ने जुमे के ख़ुत्बे में युवाओं सहित सभी मोमिनों को इस्लामी आदेशों का पालन करने और अहले बैत (अ) की शिक्षाओं पर अमल करने की ताकीद की।

  • हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) की सीरत आत्मशुद्धि, निष्ठा और पवित्र चरित्र का आदर्श है: मौलाना मुहम्मद मेराज ख़ान रन्नवी

    हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) की सीरत आत्मशुद्धि, निष्ठा और पवित्र चरित्र का आदर्श है:…

    तमिलनाडु के चेन्नई स्थित पेरिस के इमामे जुमा हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना मुहम्मद मेराज ख़ान रन्नवी ने अपने जुमे के संदेश में हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की सीरत को आत्मशुद्धि, निष्ठा, त्याग और पवित्र चरित्र का आदर्श बताया।

  • बच्चों की इबादत संबंधी तरबीयत माता-पिता की शरई ज़िम्मेदारी है, नमाज़ से मोहब्बत और ईमान की मज़बूती पर दें ध्यान: मौलाना नकी महदी ज़ैदी

    बच्चों की इबादत संबंधी तरबीयत माता-पिता की शरई ज़िम्मेदारी है, नमाज़ से मोहब्बत और…

    राजस्थान के अजमेर स्थित तारागढ़ के इमामे जुमा हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सय्यद नकी मेहदी ज़ैदी ने जुमे के खुत्बे में बच्चों के अधिकारों और उनकी इबादत संबंधी तरबीयत के महत्व पर प्रकाश डाला।