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नौजवानों को अमेरिकी व इज़राइली साज़िशों से आगाह करें
हौज़ा / जामिया ए मुदर्रिसीन हौज़ा ए इल्मिया क़ुम ने माह-ए-मुबारक रमज़ान के मुबल्लिग़ीन को हिदायत की है कि वह अमेरिकी इज़राईली फ़ित्ना और इदराकी व मुरक्कब जंग के विभिन्न पहलुओं को आम लोगों, ख़ास तौर पर नौजवानों और जवानों के सामने वाज़ेह करें और दुश्मन के असली चेहरे को पहचान कराके बसीरत में इज़ाफा करें, ताकि धोखा खाए अफ़राद की वापसी का रास्ता हमवार हो सके।
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क़ुरआन, इंसान को सेरात ए मुस्तक़ीम और कामयाबी की तरफ़ रहनुमाई करने वाली किताब है।हुज्जतुल…
हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया के उस्ताद ने क़ुरआन-ए-करीम की हमागीर हिदायतगिरी पर ज़ोर देते हुए कहा कि क़ुरआन तमाम इंसानों के लिए एक आसमानी दावत है और ख़ुदाए मुतआल अपने बंदों को इसी किताब-ए-इलाही के ज़रिये मुख़्तलिफ़ ज़ुल्मात से निकाल कर नूर, अम्न, सलामती और सिरात-ए-मुस्तक़ीम की तरफ़ हिदायत करता है।
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एपस्टीन फाइल ने पश्चिमी सभ्यता का असली और भ्रष्ट चेहरा उजागर कर दिया।हुज्जतुल इस्लाम…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम गफूरी ने एपस्टीन द्वीप के घोटाले का जिक्र करते हुए कहा, इस केस ने पश्चिमी सभ्यता का असली और भ्रष्ट चेहरा बेनकाब कर दिया और दिखा दिया कि जो संस्कृति मानवाधिकारों की दावेदार है, वह व्यवहार में जंगलीपन, अश्लीलता और मानवीय गरिमा, खासकर महिलाओं और बच्चों की गरिमा को रौंदने में लिप्त है।
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माहे मुबारक रमज़ान, तज़किया-ए-नफ़्स और उन्स बा क़ुरआन का दोबारा मौक़ा है।हुज्जतुल…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मुहम्मद हसन शाबानअली ने माहे मुबारक रमज़ान को माहे नुज़ूल-ए-क़ुरआन, ज़ियाफ़त ए इलाही और ख़ुदसाज़ी, तहज़ीब-ए-नफ़्स तथा रहमत व मग़फ़िरत-ए-इलाही से इस्तिफ़ादा का क़ीमती मौक़ा क़रार दिया।
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क़नाअत के ज़रिए इंसान ज़िल्लत, क़र्ज़ और अख़्लाक़ी सुक़ूत से महफ़ूज़ रहता है
हौज़ा / हुसैन अंसारियान ने तेहरान की मस्जिद हज़रत अमीर (अ.स.) में माह-ए-मुबारक रमज़ान की पहली शब ख़िताब करते हुए कहा कि क़नाअत इंसान को ज़िल्लत, क़र्ज़दारी और अख़लाक़ी सुक़ूत से महफ़ूज़ रखती है, जबकि हिर्स व तमअ इंसान को ज़िल्लत व ख़्वारी की तरफ़ ले जाती हैं।
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माहे रमज़ान, सुलूक ए इबादत की शुरुआत और फ़ितरत-ए-इलाही की तरफ़ रुजूअ का मौका है।हुज्जतुल…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मुहक़्क़िकी ने कहा कि माह-ए-रमज़ान मुबारक इंसान के लिए फ़ितरत-ए-इलाही की तरफ़ लौटने, अपने नफ़्स का मुहासिबा करने और पूरे साल की बंदगी की बुनियाद रखने का बेहतरीन मौका है।
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हौज़ा ए इल्मिया के पास तख़्लीकी, बा सलाहियत और दर्द-ए-दिल रखने वाले विद्यार्थी मौजूद…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रज़ा रुसतमी ने पहली क़ौमी तक़रीब «नहज़त ए रिवायत-ए-हौज़ा» के इख़्तितामी मरहले में ख़िताब करते हुए कहा कि रायज “मीडिया लिटरेसी” के मुक़ाबले में “रिवायती लिटरेसी” एक इस्ट्रेटेजिक ख़ला है। उन्होंने दुश्मन के मीडिया एल्गोरिद्म्स का मुक़ाबला करने के लिए तलबा की अज़ीम सलाहियत को “इंसानी मीडिया” के तौर पर बरूए-कार लाने का मुतालबा किया हैं।
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आज का युद्ध हथियारों से अधिक विचारों और सोच का है: आयतुल्लाह बुशहरी
आयतुल्लाह सय्यद हाशिम हुसैनी बुशहरी ने चेतावनी दी है कि दुश्मन का असली टारगेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और युवा पीढ़ी है, जहाँ धार्मिक और राष्ट्रीय पहचान को कमज़ोर करने की सिस्टमैटिक कोशिशें चल रही हैं।
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इज़राइल के प्रचारिक साम्राज्य से डरना नहीं चाहिए
हौज़ा / सुप्रम लीडर ने फरमाया,लोगों से डरना नहीं चाहिए, उनकी बातों से ख़ौफ़ज़दा नहीं होना चाहिए। हर अच्छे और सार्थक काम और हर अहम काम के लिए मुमकिन है कि कुछ लोगों के विरोध का सामना करना पड़े।
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ईरान के हौज़ा ए इल्मिया का अगली पंचवर्षीय योजना: पूर्वी दुनिया के साथ साइंटिफिक और…
हौज़ा के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट ने इंटरनेशनल लेवल पर आगामी पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों को पाने के लिए व्यवहारिक कदम उठाए हैं, जिसमें पूर्वी दुनिया पर खास ध्यान दिया गया है।
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धर्म का प्रचार-प्रसार धार्मिक मदरसो की सबसे बड़ी प्राथमिकता है
जामेअतुल मुस्तफा अल-अलामिया खुरासान के हेड ने इस्लामिक क्रांति के सुप्रीम लीडर के उस आदेश का ज़िक्र करते हुए कि “हौज़ात ए इल्मिया में प्रोपेगैंडा को प्राथमिकता दी जाती है,” देश और दुनिया की असली ज़रूरतों के आधार पर धार्मिक प्रोपेगैंडा को फिर से तय करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
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अमेरिका, सुन ले! युद्ध पोत से अधिक घातक वह हथियार है जो उसे समुद्र की गहराई में भेज…
सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई ने अमेरिका की जंग की धमकियों का साफ़ जवाब देते हुए साफ़ कर दिया है कि ईरान डिफेंस और डिफेंस क्षमताओं के मामले में पूरी तरह तैयार है, और अगर कोई गलती करता है, तो उसे इतना कड़ा जवाब मिलेगा कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेना भी उसे संभाल नहीं पाएगी।
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हज़रत मासूमा (स) की दरगाह से रमज़ान के महीने में तीर्थयात्रियों को मिलने वाली सुविधाएँ
हज़रत मासूमा क़ुम (स) की दरगाह के एडमिनिस्ट्रेटर, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन सफ़र फलाही ने रमज़ान के पवित्र महीने के लिए विशेष प्रबंधो का ऐलान किया है और कहा है कि तीर्थयात्रियों को हर तरह की सेवाएँ दी जाएँगी।
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अमेरिका से वार्ता सिर्फ परमाणु मुद्दे पर होगीः ईरानी विदेश मंत्री
हौज़ा / ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने जिनेवा में अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ होने वाली वार्ता के एजेंडा को स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं एक न्यायपूर्ण और संतुलित समझौते के लिए वास्तविक पहलों के साथ जिनेवा आया हूँ।
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ईरान के धार्मिक शहर क़ुम में हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स) की दरगाह में मौलाना अज़ीज़ुल…
ईरान के पवित्र शहर क़ुम में मरहूम हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सय्यद अज़ीज़ुल हसन आबिदी की याद में ईसला-ए-सवाब की सवाब बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजित की गई। इस ईसाले सवाब की मजलिस में बड़ी संख्या में जानकार, जाने-माने लोग, मदरसे के छात्र और मोमेनीन शामिल हुए और मरहूम की विद्वत्तापूर्ण और धार्मिक सेवाओं को श्रद्धांजलि दी।
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माहे रमज़ान मुहासबे और इस्लाहे नफ़्स का बेहतरीन मौक़ा है।उस्ताद मुहम्मद बाक़िर तहरीरी
हौज़ा / उस्ताद मुहम्मद बाक़िर तहरीरी, मुतवली मदरसा-ए-इल्मिया मरवी तेहरान ने बयान दिया है कि माहे मुबारक रमज़ान इंसान के लिए अपने नफ़्स का मुहासबा करने, अपनी कोताहियों की तिलाफ़ी करने और रूहानी इर्तिक़ा हासिल करने का बेहतरीन मौक़ा है।
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ईरान से युद्ध;ट्रंप के लिए सबक साबित होगा। जनरल मूसवी
हौज़ा / चीफ ऑफ जनरल स्टाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के युद्ध संबंधी बयानों को गैर ज़िम्मेदाराना बताते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रमण का अंजाम ट्रंप के लिए दुनिया भर में सबक का कारण बनेगा।
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इंसान की खुशबख्ती असली ईमान और अमल-ए-सालेह में है।हुज्जतुल इस्लाम हसन मोसल्लाह
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम हसन मोसल्लाह ने कहा है कि इंसान की असली खुशबख्ती और सआदत सिर्फ़ सच्चे ईमान और अच्छे आमाल की वजह से हासिल होती है।
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नमाज़ इंसान को गुरूर और तकब्बुर से पाक करती है।
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम हमीद इफ्तिख़ारी ने कहा है कि नमाज़ इंसान को गुरूर और तकब्बुर से पाक करती है।उन्होंने कहा कि नमाज़ दीन का सुतून और बंदगी का सबसे अहम स्तंभ है। नमाज़ इंसान के अंदर ख़ुदा के सामने झुकने का जज़्बा पैदा करती है और उसे दूसरों के साथ अच्छे अख़्लाक़ और तवाज़ो की तरफ़ ले जाती है।
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हौजा ए इल्मिया और मीडिया के बीच तालमेल ज़रूरी।हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन महमूदी
हौज़ा / फार्स प्रांत मे हौजा ए इल्मिया के निदेशक ने कहां, हौज़ा और मीडिया के बीच तालमेल की आवश्यकता है और धार्मिक शिक्षाओं के प्रसार और समाज की इस्लामी पहचान को मजबूत करने में सरकारी प्रसारण संगठन की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण बताया हैं।