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एतेकाफ़ यानी अल्लाह की बंन्दगी और नफ़्स से संघर्ष।आयतुल्लाह मोहसिन फ़क़ीही
हौज़ा / क़ुम की हौज़ा ए इल्मिया के शिक्षक संघ जामेअतुल मुदर्रिसीन के सदस्य आयतुल्लाह मोहसिन फ़क़ीही ने कहा है कि माहे रजब में एतेकाफ़ में भाग लेना अल्लाह की इबादत का व्यावहारिक अभ्यास और आत्मा की बुरी प्रवृत्तियों के विरुद्ध संघर्ष है।
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फातेमी म्यूज़ियम में पेंटिंग “अलीयुन हुब्बोहू जुन्ना” का अनावरण
हौज़ा/ हज़रत फातिमा मासूमा (स) की पवित्र दरगाह में फातेमी म्यूज़ियम में एक कल्चरल सेरेमनी के दौरान एक अनोखी पेंटिंग “अलीयुन हुब्बोहू जुन्ना” का अनावरण किया गया।
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सेनेगल में जामिया अल-मुस्तफा के अध्यापकों और विद्यार्थियों के एतेकाफ की प्रतिक्रिया…
हौज़ा / माहे रजब के पवित्र दिनों 13, 14 और 15 के साथ ही सेनेगल की राजधानी डकार में स्थित इब्राहीम दरवेश जामा मस्जिद में रजब माह के एतिकाफ़ की शुरुआत हो गई है। इस एतेकाफ़ में जामिया अल-मुस्तफा अल-आलमिया की क्षेत्रीय प्रतिनिधि संस्था सेनेगल से जुड़े हौज़ा विभाग के अंतर्गत हौज़ा-ए-इल्मिया रसूल-ए-अकरम (स.ल.व.) डकार के शिक्षक और छात्र भाग ले रहे हैं।
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मौला ए कायनात (अ) की ख़ाना-ए-काबा में विलादत, हज़रत इब्राहीम (अ) की दुआ का फल है
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन अंसारियान ने माह-ए-रजब के मौके पर तेहरान में अपने ख़िताब के दौरान क़ुरआन-ए-करीम में “आले इब्राहीम” के मक़ाम को बयान करते हुए कहा कि हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की वे दुआएँ, जिनमें उन्होंने मोवह्हिद, इबादतगुज़ार और नमाज़ पढ़ने वाली नस्ल की दुआ की थी, अमीरुल-मोमिनीन अली बिन अबी तालिब अलैहिस्सलाम की विलादत के मौके पर सबसे मुकम्मल सूरत में क़बूल हुईं।
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हम पूरी ताकत से दुश्मन के खिलाफ डटे रहेंगे और लोगों के साथ मिलकर उसे धूल में मिला…
हौज़ा/इस्लामिक क्रांति के लीडर ने शनिवार, 3 जनवरी, 2026 की सुबह,अमीरूल मोमेनीन हज़रत अली इब्न अबी तालिब (अ) के जन्मदिवस और हाज कासिम सुलेमानी, अबू महदी अल-मुहंदिस और अन्य साथियों की मृत्यु की छठी बरसी के अवसर पर बारह दिन के युद्ध (शोहदा ए इक़्तेदार) में शहीद हुए लोगों के परिवारों से मुलाकात की।
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इमाम अली अलैहिस्सलाम की विलादत के मौके पर हरम शाह सय्यद अली अलैहिस्सलाम में जश्न…
हौज़ा / अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम की विलादत-ए-बासआदत के मौके पर बीती रात हरम-ए-मुतह्हर इमामज़ादेह शाह सैयद अली अलैहिस्सलाम में एक अज़ीम और शानदार जश्न का आयोजन किया गया।
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मस्जिद ए जमकरान में एतेकाफ़ की शुरुआत / 3100 मोअतकिफ़ीन इबादत में मशग़ूल
हौज़ा/ 13 रजब को नमाज़-ए-फ़ज्र अदा होते ही मस्जिद-ए-मुक़द्दस जमकरान में एतेकाफ़ की शुरुआत हो गई। इस एतेकाफ़ में 3100 मोअतकिफ़ शामिल हैं।
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हज़रत मूसा मुबरका की दरगाह में जशने मौलूदे काबा
हौज़ा / अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) के मुबारक जन्म के मौके पर कल रात पवित्र शहर क़ुम में इमामज़ादे हज़रत मूसा मुबरका की पवित्र दरगाह में एक बड़ा जश्न मनाया गया।
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आज ईरान सहित पूरी दुनिया में हज़रत अली (अ) के शुभ जन्म दिवस के मौक़े पर जश्न का माहौल
हौज़ा / हजरत इमाम अली अ.स. की विलादत के मौके पर ईरान के विभिन्न शहरों में बड़ी उत्साह के साथ खुशी मनाई जा रही है।
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इल्मी जिहाद, हौज़ा ए इल्मिया की तहरीक का मरकज़ है / दीन-ए-ख़ुदा की ख़िदमत एक अज़ीम…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन ख़य्यात ने “पेशरफ़्ता और मुम्ताज़ हौज़ा” के पैग़ाम की तरफ़ इशारा करते हुए इल्मी जिहाद और हौज़ा ए इल्मिया के इल्मी, सक़ाफ़ती और तरबियती धारों को मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
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ज़ियारत ए अरबईन एक वैश्विक पाठशाला और सभ्यता निर्माता परियोजना बन चुकी हैः हुज्जतुल…
हौज़ा / हश्दुश शाअबी के विचारधारात्मक प्रचार प्रभारी हुज्जतुल इस्लाम सैय्यद अम्मार अल-मूसवी ने अर्बईन हुसैनी 2025 के अंतर्राष्ट्रीय प्रचारकों के सम्मान समारोह में अरबईन के ज़ायरीन के इस विशाल जमावड़े को इबादत से परे, एक वैश्विक पाठशाला, प्रशिक्षण परियोजना और इस्लामी उम्मा की इस्लामी व जिहादी पहचान की रक्षक आंदोलन करार दिया है।
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इस्लामी शिक्षाओं को प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न कलाओं का उपयोग…
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन फ़रहाद अब्बासी ने कहा, कलाएँ और हुनर, धर्म के संदेश को दिलों तक पहुँचाने की शक्ति रखते हैं और यदि उन्हें सही दिशा में उपयोग किया जाए तो वे बौद्धिक और आध्यात्मिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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काशान में 58 नहजुल बलाग़ा के हाफ़िज़ों के सम्मान में भव्य समारोह
हौज़ा / ईरान के शहर काशान में एक बावेक़ार और शानदार तक़रीब मुनअक़िद हुई, जिसमें नहजुल बलाग़ा को हिफ़्ज़ करने वाले 58 अफ़राद की हौसलाअफ़ज़ाई की गई और उन्हें ख़िराज-ए-तहसीन पेश किया गया। इस मौक़े पर मुअस्सिसा-ए-अमीरुल मोमिनीन (अ.स.) के सांस्कृतिक प्रोग्रामों का भी इफ्तिताह किया गया।
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कला और हुनर;वर्तमान सांस्कृतिक संघर्ष में धर्म का संदेश पहुँचाने का प्रभावी और टिकाऊ…
हौज़ा / दसवें फ़ुनूने आसमानी फ़ेस्टिवल के सचिव ने धर्म का संदेश पहुँचाने में कला की अहम भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि आज के सांस्कृतिक संघर्ष के हालात में कला और हुनर की भाषा दुनिया भर तक धर्म का संदेश पहुँचाने का सबसे प्रभावी और टिकाऊ तरीका है उन्होंने कहा कि हौज़ा-ए-इल्मिया को इस क्षेत्र में समझदारी और सक्रियता के साथ आगे आना चाहिए।
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शहीद क़ासिम सुलेमानी ऐसे मैदान ए जंग के बहादुर इंसान थे जिनकी कहानी आज भी ज़िंदा…
हौज़ा / शहीद हाज क़ासिम सुलेमानी की बेटी ज़ैनब सुलेमानी ने कहा है कि हाज क़ासिम हमारे ज़माने के ऐसे बहादुर और जांबाज़ शख़्स थे जिनकी दास्तान शहादत के बाद भी फ़न और रिवायत के ज़रिये ज़िंदा है, और जो आज ईरानी क़ौम के साझा एहसास और क़ौमी सरमाया बन चुके हैं।
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पश्चिमी देशों में आज़ादी के नाम पर क़ुरआन करीम की बेअदबी क़ाबिल ए क़बूल नहीं है
हौज़ा/ ईरान के शहर मरिवान के इमाम जुमआ मौलवी मुस्तफ़ा शीरज़ादी ने कहा है कि पश्चिमी देशों, खास तौर पर अमेरिका में, आज़ादी-ए-इज़हार-ए-राय के बहाने क़ुरआन करीम की बेअदबी की जा रही है उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ़ ग़ैर-इंसानी अमल है, बल्कि हक़ीक़ी आज़ादी की सोच के भी पूरी तरह ख़िलाफ़ है।
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दुश्मन अपने शैतानी मकासद को पूरा करने के लिए हर हथकंडे अपनाता है
हौज़ा / ईरान के शहर सनंदज के सुन्नी आलिम मौलवी मोहम्मद अमीन रास्ती ने कहा है कि दुश्मन अपने बुरे और गलत मकसद पूरे करने के लिए हर तरह के तरीके अपनाता है। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति की शुरुआत से ही दुश्मन की कोशिश रही है कि जनता और इस्लामी व्यवस्था को आमने-सामने खड़ा कर दिया जाए, इसलिए ईरानी जनता को हमेशा सतर्क और समझदार रहना चाहिए।
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हज़रत इमाम जवाद (अ) ने भी पैगंबरों की तरह बचपन में ही इमामत संभाली थी, आयतुल्लाह…
हौज़ा / कल रात पवित्र शहर क़ुम में हिदायत टीवी पर इमाम जवाद (अ) के मुबारक जन्म के मौके पर एक बड़ा जश्न मनाया गया; आयतुल्लाह जवाद फ़ाज़िल लंकारानी ने खास मेहमान के तौर पर जश्न में हिस्सा लिया और भाषण दिया।
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ट्रंप और नेतन्याहू दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी हैं। आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी
हौज़ा / आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातमी ने 9 दी को इज्तेमा को ख़िताब करते हुए कहा कि अमेरिका और इज़राईल हुकूमत का असली मक़सद दहशतगर्दी से लड़ना नहीं, बल्कि इस्लामी निज़ाम का ख़ात्मा है। उन्होंने ट्रम्प और नेतनयाहू को दुनिया के सबसे बड़े दहशतगर्द क़रार देते हुए कहा कि आज ईरान के ख़िलाफ़ सबसे ख़तरनाक मोर्चा मआशी और फ़िक्री जंग है।
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इज़राइल को 12 दिनों की जंग से सबक लेना चाहिए।ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता
हौज़ा / ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नाइनी ने कहा है कि दुश्मन यह समझ ले कि इस्लामी गणराज्य ईरान की ताकत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।