ताजा समाचार
अधिक देखी गई ख़बरें
गैलरी
لیستی صفحه سرویس هندی
-
ईरान की अमेरिका पर विजय ने एक सभ्यता और विचारधारा की पश्चिम पर जीत को दर्शाया
ख़ुरासान रज़वी मे वली फ़कीह के प्रतिनिधि ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच टकराव केवल सैन्य या राजनीतिक संघर्ष से कहीं आगे का विषय है। उनके अनुसार, इस मैदान में जो कुछ हुआ वह एक सभ्यता और एक विचारधारा की पश्चिम पर जीत है, जो जनता के प्रतिरोध और मैदान में उनकी निरंतर उपस्थिति के कारण संभव हुई।
-
आयतुल्लाहिल उज़्मा शेख़ मुहम्मद इस्हाक़ फ़य्याज़ के निधन पर आयतुल्लाहिल उज़्मा बशीर…
मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़्मा शेख़ बशीर हुसैन नजफ़ी ने आयतुल्लाहिल उज़्मा शेख़ मुहम्मद इस्हाक़ फ़य्याज़ के निधन को इस्लामी जगत, हौज़ा-ए-इल्मिया नजफ़ और मक्तब-ए-अहले बैत (अ) के लिए एक महान त्रासदी बताया है। उन्होंने इमाम-ए-ज़माना (अ), उलेमा-ए-इकराम, हौज़ात-ए-इल्मिया, स्वर्गीय विद्वान के परिवार और सभी मोमिनीन के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।
-
आयतुल्लाहिल उज़्मा फ़य्याज़ के निधन पर आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद ख़ुरासानी की श्रद्धांजलि
आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद ख़ुरासानी ने नजफ़ अशरफ़ में मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़्मा मुहम्मद इस्हाक़ फ़य्याज़ के निधन पर गहरे दुःख और शोक का इज़हार करते हुए उनकी धार्मिक और वैज्ञानिक सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
-
आयतुल्लाह फ़य्याज़ की बरकतें नजफ़ के हौज़ा में कभी भुलाई नहीं जाएँगी
आयतुल्लाहिल उज़्मा नासिर मकारिम शिराज़ी ने नजफ़ के महान मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह शेख़ इस्हाक़ फ़य्याज़ के निधन पर शोक संदेश जारी किया है।
-
इस्लामी शासन की स्थापना, इमाम ख़ुमैनी (र) के कार्य की सर्वोच्च महानता हैः आयतुल्लाह…
हौज़ा इल्मिया की सर्वोच्च परिषद के सचिव ने कहा कि रूहुल्लाह ख़ुमैनी की महानता और गौरव का परिणाम यह हुआ कि सदियों से अहले-बैत (अ) के चाहने वालों का जो सपना था, वह साकार हुआ और प्रिय ईरान में इस्लामी शासन स्थापित हो सका।
-
आयतुल्लाहिल उज़्मा फ़य्याज़ के इल्मी और फिक़्ही नवाचारों तथा उनकी धार्मिक और तबलीगी…
हौज़ा हाए इल्मिया क़ुम के प्रमुख आयतुल्लाह आराफी ने आयतुल्लाहिल उज़्मा फ़य्याज़ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आयतुल्लाह फ़य्याज़ की इल्मी और फिक़्ही नवाचार, धार्मिक सेवाएँ और तबलीगी कार्यों ने उन्हें एक अत्यंत प्रतिष्ठित व्यक्तित्व बना दिया था। विशेष रूप से अरबईन की पैदल यात्रा के पुनर्जीवित करने में उनका यादगार योगदान और इराक़ व अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के लिए उनकी सामाजिक व सांस्कृतिक सेवाएँ बहुत महत्वपूर्ण रही हैं।
-
आयतुल्लाह फ़य्याज़ के निधन पर आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली की संवेदना
आयतुल्लाह जवादि आमोली ने नजफ़ अशरफ़ के प्रमुख मरजअ ए तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़्मा फ़य्याज़ के निधन पर शोक व्यक्त किया और संवेदना प्रकट की।
-
आयतुल्लाह फ़य्याज़ के विचार और रचनाएँ जीवित और प्रेरणादायक रहेंगीः आयतुल्लाहिल उज़्मा…
आयतुल्लाह सुब्हानी ने नजफ़ के प्रमुख मरजए आयतुल्लाह फ़य्याज़ (र) के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही आज वह हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनकी रचनाएँ और उनका स्थायी धार्मिक व बौद्धिक विरासत हमेशा जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
-
आयतुल्लाह नूरी हमदानी का आयतुल्लाह फ़य्याज़ के निधन पर शोक संदेश
मरजए-तकलीद आयतुल्लाह उज़्मा नूरी हमदानी ने नजफ़ के प्रमुख मरजए आयतुल्लाहिल उज़्मा फ़य्याज़ (र) के निधन पर शोक संदेश दिया और संवेदना व्यक्त की।
-
मोमेनीन दुआ-ए-फ़रज को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ
इस्लामी क्रांति के शहीद नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने फ़रमाया है कि दुआ «अल्लाहुम्मा कुन लेवलीयेक» सिर्फ एक दुआ नहीं है, बल्कि इमाम ज़माना हज़रत इमाम महदी (अ) से संबंध और संपर्क का प्रभावकारी साधन है।
-
इमाम ज़माना (अ) की खुशी पाने का सबसे अच्छा तरीका
आयतुल्लाह मुहम्मद अली जावदान ने इमाम ज़माना (अ) की प्रसन्नता प्राप्त करने के तरीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि एक सच्चे मुंतज़िर की जिम्मेदारी केवल अपने सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे अपने परिवार, मित्रों और समाज के सुधार के लिए भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आत्म-सुधार और समाज सुधार को महदवी समाज के निर्माण की मूल शर्त बताया।
-
आयतुल्लाहिल उज़्मा फ़य्याज़ का निधन एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकतीः आयतुल्लाह…
आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी सिस्तानी ने आयतुल्लाहिल उज़्मा शेख मुहम्मद इसहाक फ़य्याज़ के गुज़रने पर दुख जताया।
-
इमाम खुमैनी और शहीद खामेनेई ने देश की छिपी हुई योग्यता को जगाया: अयातुल्ला सय्यद…
अयातुल्ला सय्यद मुज्तबा हुसैनी खामेनेई ने कहा है कि इमाम खुमैनी और शहीद खामेनेई ने देश के अंदर तैयारी, काबिलियत और क्रांतिकारी भावना को खोजा और उसे फिर से ज़िंदा किया, जिसके नतीजे में देश आत्मविश्वास, जागृति और विरोध के एक नए दौर में दाखिल हुआ।
-
आयतुल्लहिल उज़्मा श़ेख मोहम्मद इस्हाक फ़य्याज़ का स्वर्गवास शिया समुदाय में शोक की…
हौज़ा / नजफ़ अशरफ़ के मशहूर मरजाए अली कद्र आयतुल्लहिल उज़्मा श़ेख मोहम्मद इस्हाक फ़य्याज़ का निधन हो गया है, उनके निधन के बाद पूरे आलम ए इस्लाम विशेष रूप से मकतबे अहलेबैत (अ) में गहरे दुःख और शोक की लहर दौड़ गई है।
-
ज़ियारत-ए-ग़दीरिया अमीर-उल-मोमेनीन (अ) की खूबियों और अच्छाइयों का एक बड़ा मैनिफेस्टो…
, नहजुल-बलाघा और यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हुज्जतुल-इस्लाम जवाद मुहद्दी ने कहा है कि इमाम हादी (अ) से रिवायत ज़ियारत-ए-ग़दीरिया, अमीरूल-मोमेनीन (अ), हज़रत अली (अ) की विलायत की खूबियों, अच्छाइयों, संघर्षों और स्थिति का एक बड़ा और असली मैनिफेस्टो है, जो कुरान, हदीसों और इस्लाम के प्रेसिडेंट की ज़रूरी घटनाओं की रोशनी में इमामत और विलायत की असलियत को साफ करता है।
-
15 ख़ुरदाद इस्लामी क्रांति की शुरुआत और राष्ट्रीय जागृति का प्रतीक है, आयतुल्लाह…
15 ख़ुरदाद, 1342 हिजरी शम्सी मूवमेंट और इमाम खुमैनी की बरसी के मौके पर अपने डिटेल्ड एनालिटिकल और स्ट्रेटेजिक मैसेज में, ईरान के सेमिनरी के हेड अयातुल्ला आराफ़ी ने कहा कि खोरदाद 15 इस्लामी क्रांति की नींव है, इस्लामी जागृति का शुरुआती पॉइंट है, और ईरान की आज़ादी, ऑटोनॉमी और इस्लामी पहचान का दिन है।
-
विश्वविद्यालयों में इस्लामी फलसपा पढ़ाया जाए / माद व मौत के बाद के जीवन का विषय अत्यंत…
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने विश्वविद्यालयों में पाश्चात्य दर्शन की व्यापक उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा, विश्वविद्यालयों में दर्शन शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैकल और कांट जैसे विचारकों के विचारों पर आधारित है, जबकि इस्लामी दर्शन विश्वविद्यालयों में अधिक प्रचलित नहीं है।
-
एकता और सामंजस्य सफलता की पहली शर्त है मजबूत रक्षा और वार्ता साथ-साथ चलनी चाहिए।आयतुल्लाहि…
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा शेख़ जाफ़र सुब्हानी ने राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख डॉ. मोहसिन हाजी मिर्ज़ाई से मुलाक़ात में राष्ट्रीय एकता और आपसी सामंजस्य को वर्तमान परिस्थितियों में सफलता की बुनियादी शर्त बताते हुए कहा कि इस्लाम न केवल दुश्मन के मुक़ाबले में शक्ति और सामर्थ्य प्राप्त करने की शिक्षा देता है, बल्कि उपयुक्त परिस्थितियों में वार्ता का भी समर्थन करता है। इसलिए मजबूत रक्षा व्यवस्था और वार्ता, दोनों को साथ लेकर चलना चाहिए।
-
हम अपने शहीद नेता (र) से किए गए वादे पर स्थिर रहेंगे / आज अमेरिका और इसराइल अपने…
हौज़ा ए इल्मिया के हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन हुसैनी कोहसारी ने शहीद इमाम ख़ामेनेई की वैश्विक और इलाही शख्सियत को खिराज-ए-तहसीन पेश करते हुए कहा: शहीद रहबर (र) ने उम्मत-ए-इस्लामी के लिए रास्ता मुक़र्रर किया और पचास साल से अधिक अरसे तक इस्लामी इंक़िलाब की रहबरी और रहनुमाई की और क़ुरआन व इस्लाम पर गहरे ईमान के साथ, इस्लाम और इंक़िलाब के अहदाफ के हासिल में एक आलमगीर और मोअस्सर किरदार छोड़ा।
-
सिर्फ़ इबादत काफ़ी नहीं, अहम सामाजिक ज़िम्मेदारियों से ग़ाफ़िल होना भी शैतान का धोखा…
हौज़ा / मरहूम अल्लामा मिस्बाह यज़्दी ने कहा कि शैतान हमेशा इंसान को गुनाह के ज़रिए ही गुमराह नहीं करता। कभी-कभी वह हलाल और अच्छे कामों के ज़रिये भी इंसान को उसकी असली और अहम ज़िम्मेदारियों से दूर कर देता है। इसलिए हर इंसान को यह पहचानना चाहिए कि इस समय उसका असली फ़र्ज़ क्या है और शैतान के धोखे से बचना चाहिए।