ताजा समाचार
अधिक देखी गई ख़बरें
गैलरी
لیستی صفحه سرویس هندی
-
सूरह कौसर के ऐजाज़ का रहस्य; हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की विलादत से पहले दी गई इलाही…
क़ुरआन की सबसे छोटी सूरह सूरह कौसर, पैग़म्बरे इस्लाम (स) के दुश्मनों द्वारा दिए जाने वाले तानों का ईश्वरीय उत्तर थी। यह सूरह अनेक गहन धार्मिक शिक्षाओं से परिपूर्ण है। इसमें पैग़म्बर (स) को कौसर प्रदान किए जाने और इस ईश्वरीय वादे के निश्चित रूप से पूरा होने का उल्लेख है, जो क़ुरआन की महानता और उसके चमत्कार का एक पहलू उजागर करता है।
-
अहले-बैत (अ) की शिक्षाओं को सरल और प्रभावशाली अंदाज़ में पेश किया जाएः आयतुल्लाह…
हौज़ा / आयतुल्लाह महमूद रजब़ी ने कहा कि इस्लाम और अहले-बैत अ.स.की शिक्षाएँ इंसानी बुद्धि और प्रकृति के अनुरूप हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के लोगों को इन शिक्षाओं की ओर आकर्षित करने की व्यापक क्षमता मौजूद है। धार्मिक शिक्षाओं को प्रभावी ढंग से पेश करने के लिए ज़रूरी है कि उन्हें आज की भाषा और उपयुक्त अंदाज़ में लोगों तक पहुँचाया जाए।
-
दूसरों के हुक़ूक़ की रिआयत इबादतों की स्वीकृति की शर्त है: हुज्जतुल इस्लाम रफ़ीई
हज़रत मासूमा (स) के पवित्र रौज़े में आयोजित धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन नासिर रफ़ीई ने कहा कि हलाल रोज़ी कमाना इबादतों की स्वीकृति के महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। उन्होंने हराम माल से बचने पर ज़ोर देते हुए कहा कि नेक काम हलाल धन से ही किया जाना चाहिए।
-
हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की सीरत को व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में अपनाएं:…
हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स) के पवित्र हरम के ख़तीब हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन नासिर ख़लज ने कहा कि अय्याम-ए-फ़ातिमिया, हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की सीरत को समझने और उसे अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक तथा सामाजिक जीवन में अपनाने का बेहतरीन अवसर है। प्रतिदिन कुरआन की तिलावत करना, जरूरतमंदों की मदद करना, लोगों की समस्याओं को हल करना, रिश्तों में न्याय करना और दूसरों को स्वयं पर प्राथमिकता देना, आपकी सीरत के महत्वपूर्ण सबक हैं।
-
कर्बला अहले बैत (अ) के उत्कृष्ट गुणों, त्याग और बंदगी का प्रतीक है: आयतुल्लाह महदवी
आयतुल्लाह सय्यद अबुलहसन महदवी ने कहा कि कर्बला की घटना में अहले बैत (अ) के सभी उच्च गुण स्पष्ट रूप से सामने आए। अपनी जान का बलिदान देना, कठिनाइयों पर धैर्य रखना और सबसे विषम परिस्थितियों में भी इबादत करना इन गुणों के प्रमुख उदाहरण हैं।
-
हज़रत ज़ैनब (स) ने इब्ने ज़ियाद के दरबार में सिद्धांत-ए-जबर को चुनौती दी, उनका मौक़िफ़…
आयतुल्लाहिल उज़मा जवाद आमुली ने कहा कि उबैदुल्लाह इब्ने ज़ियाद के दरबार में सिद्धांत-ए-जबर के खिलाफ हज़रत ज़ैनब कुबरा (स.) का मौक़िफ़ ऐतिहासिक था। आपने “मा रअयतु इल्ला जमीला” यानी “मैंने सुंदरता के सिवा कुछ नहीं देखा” कहकर उमय्या की जबरवादी सोच को पराजित किया और इंसान के इख़्तियार तथा ज़िम्मेदारी की वास्तविकता स्पष्ट की।
-
नर्सें हज़रत ज़ैनब स.ल.के त्याग और बलिदान के रास्ते पर चल रही हैं।आयतुल्लाह आराफी
हौज़ा / ईरान के प्रमुख धार्मिक शिक्षण संस्थानों हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने नर्सिंग दिवस के अवसर पर नर्सों की दिन-रात की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा केवल कर्बला में बीमारों की देखभाल करने वाली महान हस्ती ही नहीं थीं, बल्कि इतिहास के सबसे कठिन दौर में सब्र और दृढ़ता की मिसाल भी थीं। आज नर्सें भी उसी त्याग और बलिदान के रास्ते पर चल रही हैं।
-
कोई भी शक्ति ईश्वरीय सामर्थ्य पर हावी नहीं हो सकती, आज दुनिया ईरान की ताकत और उसके…
आयतुल्लाह महमूद रजब़ी ने कहा कि कोई भी शक्ति ईश्वर की शक्ति पर हावी नहीं हो सकती। आज दुनिया इस सच्चाई को स्वीकार कर रही है कि इस्लामी गणराज्य ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ युद्ध में सफल रहा है।
-
शहीद रहबर के ख़ून का बदला लेना सब पर वाजिब है
मजलिस-ए-ख़ुबरगान-ए-रहबरी की कार्यकारिणी के सदस्य आयतुल्लाह महमूद रजब़ी ने कहा कि वली-ए-फ़क़ीह के निर्देशों से किसी भी प्रकार का विचलन, चाहे वह व्यवस्था के प्रति शुभचिंतन की भावना से ही क्यों न किया जाए, समाज को नुक़सान पहुँचाता है। उन्होंने कहा कि शहीद रहबर के ख़ून का बदला लेना सभी पर वाजिब है और जो भी ऐसा करने की क्षमता रखता है, उसे इस अपराध में शामिल सभी लोगों, चाहे वे आदेश देने वाले हों, पायलट हों या अन्य लोग, से बदला लेना चाहिए।
-
हज़रत फ़ातेमा ज़हेरा स.अ. कि जिंदगी इल्म, इबादत,इसार और विलायत की रक्षा का उज्ज्वल…
हौज़ा / ईरान के हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा अराफी ने हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के अय्याम-ए-शहादत के अवसर पर प्रचारकों से अपील की है कि वे इन दिनों का इस्तेमाल धार्मिक शिक्षाओं को आम करने, सामाजिक गतिविधियों में जनता की भागीदारी बढ़ाने और समाज के सामने मौजूद शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक समस्याओं का जागरूकता के साथ मुकाबला करने के लिए करें।
-
छात्र कुरान और अहले बैत (अ.) के रक्षक बनें: आयतुल्लाह दरी नजफाबादी
आयतुल्लाह कुर्बान अली दरी नजफाबादी ने छात्रों की शैक्षणिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक क्षमताओं को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने का मूल उद्देश्य इस्लाम, कुरान और अहले बैत (अ.) की सेवा तथा धार्मिक शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार होना चाहिए।
-
आयतुल्लाह सय्यद हाशिम हुसैनी बुशहरी ने आयतुल्लाह सय्यद अली रज़ा हैदरी के निधन पर…
हौज़ा / आयतुल्लाह सैयद हाशिम हुसैनी बुशहरी ने यज़्द के धर्मगुरु आयतुल्लाह सैयद अली रज़ा हैदरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मरहूम ने अपना जीवन दीन की रक्षा, मक्तब-ए-अहलेबैत (अ.स.) की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार और जनता की सेवा में बिताया।
-
सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधियों ने आयतुल्लाहिल उज़मा नूरी हमदानी की अयादत की
हौज़ा / इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान के एक अस्पताल में आयतुल्लाहिल उज़मा नूरी हमदानी की अयादत की और उनके स्वास्थ्य तथा उपचार की नवीनतम स्थिति की जानकारी ली।
-
एक ज़िम्मेदार अलिमेदीन समाज में गहरा बदलाव ला सकता हैःआयतुल्लाह मुस्तफा अशरफी शाहरूदी
हौज़ा / आयतुल्लाह मुस्तफा अशरफी शाहरूदी ने कहा कि एक प्रतिबद्ध और ज़िम्मेदार धर्मगुरु अपने व्यावहारिक आचरण और नैतिकता के माध्यम से समाज में गहरा बदलाव ला सकता है। उन्होंने आत्ममुग्धता और अहंकार को इंसान की आध्यात्मिक तरक्की में बड़ी रुकावट बताते हुए कहा कि इंसान को अपनी इबादत, ज्ञान और नेकियों पर घमंड नहीं करना चाहिए।
-
मतभेद और बिखराव से समाज को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है। आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने कहा है कि जिस देश ने अनगिनत शहीदों और महान हस्तियों के बलिदान दिए हैं, उसे मतभेद और बिखराव का शिकार नहीं होना चाहिए। हमें बातचीत का ऐसा तरीका अपनाना चाहिए जिससे किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
-
इंसान के सामाजिक संबंध सत्य और तक़वा की बुनियाद पर होने चाहिए।आयतुल्लाह तहरीरी
हौज़ा / तेहरान में मदरसा ए इल्मिया मरवी के मुतवल्ली आयतुल्लाह मुहम्मद बाक़िर तहरीरी ने कहा कि एक परहेज़गार इंसान को अपने दोस्तों, साथियों और दूसरे लोगों से संबंध बनाते समय सत्य, तक़वा और धार्मिक सिद्धांतों को मापदंड बनाना चाहिए। किसी के करीब जाना या उससे दूरी बनाना व्यक्तिगत लाभ, इच्छाओं या अहंकार की बुनियाद पर नहीं होना चाहिए।
-
इस्लामी क्रांति की सफलता इमामैन के इख़्लास का परिणाम हैःआयतुल्लाह शब ज़िन्दादार
हौज़ा / हौज़ा-ए-इल्मिया ईरान की सुप्रीम काउंसिल के सचिव आयतुल्लाह मुहम्मद मेंहदी शब ज़िंन्दा दार से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हार्मुज़गान जैसे विशेष परिस्थितियों वाले क्षेत्र में धार्मिक सेवाएं देना “افضل الاعمال احمزها,अफ़ज़लुल-अअमाल अह्मज़ुहा” के सिद्धांत के अनुसार एक श्रेष्ठ कार्य है।
-
हौज़ा, युवा छात्रों और शिक्षकों की जनता व युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भूमिका…
हौज़ा इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने सेवा शिविरों के आयोजकों और कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा है कि मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों में जनता और युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एक विकसित और उत्कृष्ट हौज़ा इल्मिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक है। हौज़ा इल्मिया की जिम्मेदारी वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप समाज की वैचारिक और ज्ञानात्मक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
-
छात्रों को अपने दौर की आवश्यकताओं और परिस्थितियों से अवगत रहना चाहिए: आयतुल्लाह सईदी
हरम-ए-हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स.) के मुतवल्ली आयतुल्लाह सैयद मुहम्मद सईदी ने हार्मुज़गान प्रांत के मदरसों के प्रमुखों और हौज़ा इल्मिया के प्रांतीय केंद्र के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के छात्रों को अपने दौर की परिस्थितियों और आवश्यकताओं से पूरी तरह अवगत होना चाहिए। उन्हें धार्मिक मूल्यों और परंपराओं की रक्षा के साथ-साथ समाज की मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक क्षमताएं भी हासिल करनी चाहिए।
-
आयतुल्लाह जवादी आमोली: जनता की ईमानी ताकत ही देश की सफलता का आधार है
आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कृषि मंत्री से मुलाकात में अल्लाह की बंदगी और राष्ट्रीय शक्ति के बीच संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्लाह तआला ईमान रखने वाली जनता को अपनी शक्ति का मज़हर क़रार देता है। इस्लामी क्रांति और आठ साल के पवित्र रक्षा युद्ध सहित कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा जनता की मैदान में मौजूदगी और अल्लाह तआला की मदद पर भरोसे का परिणाम रही है।