हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में माहे शाबान में रोज़ा रखने के सवाब और उसकी बरकात की ओर इशारा किया हैं।
हौज़ा / अहले मआरिफ़त और उलेमा ने इन तीन मुबारक महीनों रजब, शाबान और रमज़ान को रूहानी तरबियत का एक मुसलसल सफ़र क़रार दिया है। ये महज़ महीने नहीं हैं, बल्कि इंसान की अंदरूनी इस्लाह और तज़किया ए…