हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , कई सालों की देरी और संघर्ष के बाद, इराकी संसद की मंजूरी और बगदाद व वाशिंगटन के बीच समझौते के तहत कल शनिवार को इराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है।
इराकी सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन के सैनिक सबसे पहले अलअसद एयर बेस, बगदाद एयरपोर्ट और संयुक्त ऑपरेशन कमांड मुख्यालयों से निकलेंगे और फिर उन्हें अर्बिल कुर्दिस्तान इराक का केंद्र स्थानांतरित किया जाएगा।
सूत्रों ने स्पष्ट किया कि समझौते के मुताबिक केवल अमेरिकी सैन्य प्रशिक्षक इराक में मौजूद रहेंगे जिनका गठबंधन की वापसी से कोई संबंध नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बगदाद और वाशिंगटन ने सितंबर 2024 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अमेरिका की सैन्य उपस्थिति खत्म करके चरणबद्ध वापसी कार्यान्वित की जानी थी।
अमेरिकी सैनिक पहली बार 2003 में इराक पर हमले के बाद इस देश में दाखिल हुए थे। 2011 में उनकी बड़ी संख्या वापस बुलाई गई, लेकिन 2014 में दाएश (आईएसआईएस) के नाम पर दोबारा इराक लौट आए।
याद रहे कि जनवरी 2020 को इराकी संसद ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें विदेशी सेनाओं की वापसी की मांग की गई थी। यह फैसला जनरल कासिम सुलेमानी और अबू मेंहदी अलमुहंदिस की अमेरिकी हमले में शहादत के कुछ दिनों बाद किया गया था।
प्रस्ताव में सरकार को बाध्य किया गया था कि वह देश की संप्रभुता की सुरक्षा के लिए इराकी सुरक्षा बलों को मजबूत करे और विदेशी सेनाओं के साथ हर तरह के समझौते को रद्द करे हालांकि अमेरिका ने इस पर अमल नहीं किया।
इराकी सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में अलअसद बेस से अमेरिकी सामान के स्थानांतरण के सबूत भी मिले हैं, जो इस समझौते पर अमल का सबूत हैं।
अमेरिका और इराक के बीच तय समझौते के मुताबिक यह वापसी दो चरणों में पूरी होगी:
पहला चरण: सितंबर 2024 से सितंबर 2025 तक, जिसमें बगदाद और अन्य अड्डों से अमेरिकी सेनाएं निकलेंगी।
दूसरा चरण: सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक, जिसमें कुर्दिस्तान इराक से भी अमेरिकी सैनिक वापस जाएंगे।
इस तरह अगले साल से अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति केवल अर्बिल और उत्तरी इराक तक सीमित हो जाएगी, और सितंबर 2026 तक उनकी पूरी वापसी की उम्मीद है।
आपकी टिप्पणी