शनिवार 31 जनवरी 2026 - 22:09
ग़ज़्जा शांति बोर्ड में शामिल देश, बड़े शैतान से शांति की उम्मीद छोड़कर यूक्रेन, सीरिया और वेनेजुएला के साथ होने वाले बुरे हालात का इंतज़ार करें

हौज़ा / शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के केंद्रीय उपाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद रमज़ान तौक़ीर ने जुमे की नमाज़ के दौरान अपने भाषण में कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी मध्य पूर्व और खाड़ी इलाके की शांति बिगाड़ने और युद्ध की आग लगाने पर तुले हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के केंद्रीय उपाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद रमज़ान तौक़ीर ने जुमे की नमाज़ के दौरान अपने भाषण में कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी मध्य पूर्व और खाड़ी इलाके की शांति बिगाड़ने और युद्ध की आग लगाने पर तुले हैं।

उन्होंने कहा कि हम ट्रंप के नेतृत्व में बने तथाकथित गाज़ा पीस बोर्ड चार्टर को पूरी तरह खारिज करते हैं। इसमें इसराइल के फायदे और फिलिस्तीनी लोगों के कत्लेआम के खुले समर्थन के अलावा कुछ नहीं है।

मौलाना रमज़ान तौक़ीर ने आगे कहा कि पाकिस्तान समेत दूसरे इस्लामी देशों को साम्राज्यवादी एजेंडा गाज़ा पीस बोर्ड में शामिल होने के बजाय बड़े शैतान (अमेरिका) की बुराई से बचना चाहिए।

इस्लामी देशों के शासकों को अपनी जनता की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए और नीति बनाकर गाज़ा पीस बोर्ड से हटने की घोषणा करनी चाहिए। इस्लामी देशों की जनता बिना भेदभाव के गाज़ा पीस बोर्ड को स्वीकार नहीं करती बल्कि चिंता जता रही है।

उन्होंने कहा कि गाज़ा पीस बोर्ड का हिस्सा बनने वाले देशों को बिचौलिये की भूमिका निभानी चाहिए और ईरान, लेबनॉन, सीरिया और फिलिस्तीन समेत इलाके में शांति कायम करने के लिए अहम भूमिका निभानी चाहिए।

पाकिस्तान के शासकों को अपनी नीति पर दोबारा सोचना चाहिए। सऊदी अरब, यूएई, जॉर्डन, तुर्की और ईरान समेत इस योजना का हिस्सा न बनने वाले दूसरे देशों की तरह हिम्मत दिखाएं और इस शातिर साजिश से दूर रहें।

उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान की गर्वीली जनता फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता जताती है और नहीं चाहती कि पाकिस्तान की फौज गाज़ा के मज़लूम मुसलमानों के खिलाफ इस्तेमाल हो, बल्कि जितना मुमकिन हो मज़लूम मुसलमानों का समर्थन करे।

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