शनिवार 30 अगस्त 2025 - 13:24
तरबियत और अदब इंसानी फज़ीलत की बुनियाद हैः आयतुल्लाह महदवी कनी

हौज़ा / मरहूम आयतुल्लाह महदवी कनी ने अपने एक नैतिकता के पाठ में मनुष्य की गरिमा और नैतिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नैतिकता सिर्फ कानूनों और धार्मिक आदेशों तक सीमित नहीं है बल्कि यह मनुष्य की सदाचार, मुक्ति और सफलता का मार्ग है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मरहूम आयतुल्लाह महदवी कनी ने अपने एक नैतिकता के पाठ में मनुष्य की गरिमा और नैतिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नैतिकता सिर्फ कानूनों और धार्मिक आदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य की सदाचार, मुक्ति और सफलता का मार्ग है।

आयतुल्लाह महदवी कनी ने नहजुल बलाग़ा की उस बात को याद दिलाया कि अगर जन्नत और जहन्नम न भी हों, तब भी मनुष्य को उच्च नैतिक गुणों को अपनाना चाहिए, क्योंकि यही वास्तविक सफलता है।

उनके अनुसार नैतिकता के दो पहलू हैं: अच्छे गुण यानी मकारिम और बुरे गुण यानी रज़ाईल कुरआन मजीद ने भी "वा लकद कर्रमना बनी आदम" (हमने आदम की संतान को सम्मानित किया) के जरिए मानवीय गरिमा को एक मौलिक सच्चाई बताया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य दो तरह की गरिमा रखता है, एक स्वाभाविक, जो अल्लाह ने उसकी फितरत में डाली है; और दूसरी अर्जित, जो प्रयास और शिक्षा के जरिए हासिल होती है। यही कारण है कि शिष्टाचार और शिक्षा मनुष्य के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी खेत के लिए बारिश। अगर यह न हो तो मनुष्य का नैतिक सार विकसित नहीं हो सकता।

मरहूम उस्ताद ने इस बात पर भी जोर दिया कि जो व्यक्ति दूसरों को शिष्टाचार सिखाना चाहता है, उसे पहले खुद अपने नफ्स (अहं) को सुधारना चाहिए, क्योंकि एक अशिष्ट व्यक्ति दूसरों को शिक्षा नहीं दे सकता।

उन्होंने नैतिकता, फ़िक़्ह और कानून के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि फ़िक़्ह में धार्मिक आदेश (वाजिब, हराम, मुस्तहब, मकरूह, मुबाह) और कानून में कानून का पालन मुख्य है, लेकिन नैतिकता इन सबसे ऊपर है, क्योंकि इसमें मनुष्य के इरादे और आंतरिक अवस्थाएं भी शामिल हैं। कुरआन के अनुसार: "इन तुब्दू मा फी अनफुसिकुम औ तुख्फूहु युहासिबकुम बिहिल्लाह" (तुम अपने दिल में जो छुपाते या दिखाते हो, अल्लाह उसके अनुसार तुमसे हिसाब लेगा

अंत में आयतुल्लाह मेंहदवी कनी ने चेतावनी दी कि अगर नैतिकता और शिक्षा को नजरअंदाज कर दिया जाए तो व्यक्ति और समाज दोनों बर्बादी की ओर जा सकते हैं, इसलिए उच्च नैतिक गुणों की खोज मनुष्य की सबसे बड़ी सफलता है।

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