हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के नामानिगार से गुफ़्तगू करते हुए सोलहवें अवामी अम्मार फ़िल्मी फ़ेस्टिवल की सेक्रेटरी मोहतरमा मरज़िया हाशमी ने अमेरिकी पॉलिसियों के बारे में आलमी रवैये में तब्दीली की तरफ़ इशारा करते हुए कहा,एक वक़्त था जब सिर्फ़ इस्लामी गणतंत्र ईरान में “अमेरिका मुर्दाबाद” का नारा लगाया जाता था, लेकिन आज यह नारा पूरी दुनिया में सुनाई दे रहा है।बल्कि खुद अमेरिका के अंदर भी उसका परचम जलाया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा,दुनिया की लापरवाही की नींद से जाग चुकी है और समझ चुकी है कि असल ज़ालिम कौन है। आज यहाँ तक कि अमेरिकी अवाम भी यह समझती है कि जब “अमेरिका मुर्दाबाद” कहा जाता है तो इससे मुराद अमेरिकी अधिकारीयो की अत्याचारी पॉलिसियाँ हैं।
वही पॉलिसियाँ जो इम्पीरियलिस्ट नज़रियात के तहत दूसरी क़ौमों को अपना ग़ुलाम बनाना चाहती हैं। मरज़िया हाशमी ने कहा कि उन्हें इस्लामी जम्हूरिया-ए-ईरान में रहने और ज़िंदगी गुज़ारने पर फ़ख़्र है।
उन्होंने कहा,मुझे फ़ख़्र है कि मैं इस्लामी गणतंत्र ईरान में हूँ और मुझे उम्मीद है कि मैं अमेरिका की तबाही और हज़रत वली-ए-असर अज. के ज़ुहूर की गवाह बनूँगी।
सोलहवें अवामी अम्मार फ़िल्मी फ़ेस्टिवल की सेक्रेटरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से सुप्रीम लीडर और क्रांति ख़िलाफ़ दुसाहसपूर्ण और बेहूदा बातों के जवाब में कहा, ट्रम्प ने बकवास की है। उसकी बात मूर्खता से भरी हुई है और उसे यह अनुमति नहीं होनी चाहिए कि वह सुप्रीम लीडर के बारे में इस तरह की बात करे।
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