हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शिराजी ने अपने संदेश में कहा कि ईरान की राष्ट्र ने कुफ्र और बुराई के मोर्चे के मुकाबले जो सब्र, हौसला और कुर्बानी दिखाई है, उसकी असली बदला केवल अल्लाह ही दे सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में लोगों, सशस्त्र सेनाओं और अधिकारियों पर यह ज़रूरी है कि वे हर तरह के फूट डालने के कामों से बचते हुए एकता और साथ के साथ धैर्य का रास्ता जारी रखें।
उन्होंने देश की रक्षा में लगी सेना, प्रशासनिक, सुरक्षा और बसीजी ताकतों की कुर्बानियों को सलाम किया, साथ ही राहत कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों/नर्सों, आम रज़ाकारों और जेहादी समूहों की सेवाओं की भी तारीफ की। उनके अनुसार, ये सभी ताकतें देश की सुरक्षा, स्थिरता और लोगों की सुविधा के लिए क़ाबिल-ए-तारीफ भूमिका निभा रही हैं।
मरजा ए तक़लीद ने कहा कि लोगों की लगातार और जागरूक मौजूदगी ने दुश्मन की साजिशों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई है, और यही राष्ट्रीय जागरूकता आने वाली सफलता की नींव बनेगी। उन्होंने इस इलाके मिडिल ईस्ट में इराक, लेबनान, सीरिया, यमन और दूसरे इस्लामिक मोर्चों पर प्रतिरोधी ताकतों के संघर्ष को भी अल्लाह सहायता का नमूना बताया।
आयतुल्लाह मकारिम शिराजी ने कहा कि हालाँकि दुश्मन अगले चरण में दबाव बढ़ाकर राष्ट्र का हौसला तोड़ने की कोशिश करेगा, लेकिन अल्लाह पर भरोसा रखने वाली राष्ट्र का धैर्य, भरोसा और अल्लाह पर टूटा भरोसा (तवक्कुल) एक बार फिर उसे नाकाम कर देगा।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्र इंक़िलाब के सर्वोच्च नेता (रहबर-ए-मोआज़म-ए-इंक़िलाब) के निर्देशों पर चलते हुए इसी एकता और हौसले के साथ आगे बढ़े, क्योंकि असली सफलता ईश्वर पर भरोसा, दुआ और क़दम जमाए रखने में छिपी है।
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