बुधवार 15 अप्रैल 2026 - 08:36
ट्रम्प की घेराबंदी विफ़ल, ईरान अधिक मज़बूत, वैश्विक स्तर पर अमेरिका और इज़रायल को बड़ा झटका

ईरान और अमेरिका बीच जारी तनाव और तथाकथित युद्धविराम के दौरान महत्वपूर्ण विकास ने वैश्विक मंजर नामे को अधिक बदल कर रख दिया है। नवीनतम जानकारी के अनुसार डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से हुर्मुज़ स्ट्रेट की घेराबंदी व्यवहारिक रूप से विफ़ल साबित हुई, क्योकि ईरान से संबंधित चार आयल टैंकर इस घेराबंदी को तोड़ने मे सफ़ल हो गए, जिससे अमेरिकी दावो की कमज़ोरी जा़हिर हो गई।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान और अमेरिका बीच जारी तनाव और तथाकथित युद्धविराम के दौरान महत्वपूर्ण विकास ने वैश्विक मंजर नामे को अधिक बदल कर रख दिया है। नवीनतम जानकारी के अनुसार डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से हुर्मुज़ स्ट्रेट की घेराबंदी व्यवहारिक रूप से विफ़ल साबित हुई, क्योकि ईरान से संबंधित चार आयल टैंकर इस घेराबंदी को तोड़ने मे सफ़ल हो गए, जिससे अमेरिकी दावो की कमज़ोरी जा़हिर हो गई। 

उधर ईरान ने युद्ध के दौरान होने वाले नुक़सान पर तेज़ी से नियंत्रण पाते हुए एक और बड़ी सफ़लता हासिल की है। अमरिकी इज़रायली हमलो मे क्षतिग्रस्त होने वाले रेलवे नेटवर्क के 6 महत्वपूर्ण स्थानो को ईरानी विशेषज्ञो ने केवल 40 घंटो के अंदर बहाल कर दिया, जिसके बाद देश भर मे रेलवे सुविधा पूर्ण रुप से बहाल हो चुकी है। यह काम ईरान की आंतरिक सलाहियत और हंगामी प्रतिक्रिया की मज़बूती को दर्शता है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अमेरिका और इज़रायल को कड़ी निंदा और राजनिक दबाव का सामना है। अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हैलरी क्लिंटन ने स्वीकार किया कि अमेरिका इस समय ईरान के मुक़ाबले मे कमज़ोर पोज़ीशन मे है और सहयोगी देश भी अमेरिकी पालीसियो से निराश हो चुके है। इसी प्रकार एंटोनी बिलंकन ने भी इसी स्थति को अमेरिका की स्ट्राटेजिक हार बताया है।

यूरोपीय और पश्चिमी देशो की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। कनाडा ने अमेरिकी सैनिक खर्चो मे हिस्सा डालने से इंकार कर दिया, जबकि स्पेन और इटली के साथ रक्षा सहयोग समाप्त करने की घोषणा की। इज़रायली समाचार पत्र हार्त्ज़ ने भी स्वीकार किया कि नेतनयाहू की ओर से युद्ध को सफ़लता बताया वास्तविकता के खिलाफ़ है।

दूसरी ओर क्षेत्र मे अवामी स्तर पर भी ईरान के समर्थन मे वृद्धि देखी जा रही है। तुर्की से दर्जनो मुलमान ईरान पहुंचे, जबकि सैकड़ो गाड़ीयो पर आधारित क़ाफ़ले ने उन्हे सीमा तक रुखसत किया, जिसे ईरान का समर्थन और इस्लाम का सम्मान की रक्षा के रूप मे पेश किया जा रहा है।

इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को धार्मिक स्तर पर भी कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा जब उन्होने पोप लियो चौदहवे के खिलाफ़ अपमान भरा बयान दिया। इस कदम पर वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा हुई, जिसके बाद ट्रम्प को अपना बयान वापस लेना पड़ा। ईरान सहित विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक शख्सीयतो ने पाप के समर्थन मे आवाज़ उठाई।

कुल मिलाकर यह स्थिति ज़ाहिर करती है कि युद्ध, राजनीयकी और सार्वजनिक मोर्चे पर ईरान को बरतरी हासिल हो रही है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी बड़े दवाब और कड़ी निंदा की चपेट मे है।  

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