हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के लगभग आधे बैलिस्टिक मिसाइल और उनके लॉन्चिंग सिस्टम अब भी मौजूद हैं।
इसी तरह सिपाह-ए-पासदारान-ए-इंकिलाब के पास 60 फीसदी नौसैनिक हथियार और तेज़ रफ्तार किश्तियाँ (स्पीड बोट्स) बरकरार हैं, जिनका इस्तेमाल जलडमरूमध्य हुर्मुज़ में जहाजों पर हमलों के लिए किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरानी वायुसेना का लगभग दो-तिहाई हिस्सा अब भी सक्रिय है जो ईरान की रक्षात्मक क्षमता को दर्शाता है।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार ईरान की वास्तविक सैन्य ताकत उससे कहीं अधिक है, जितना ट्रंप प्रशासन ने जनता के सामने दिखाया है।
आपकी टिप्पणी