हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,एक रिपोर्ट के अनुसार राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतकार जॉन मियर्सहाइमर ने कहा,इज़राइल लॉबी ने वर्षों से ईरान में शासन परिवर्तन का वादा किया था लेकिन सच्चाई यह है कि ईरान पूरे अधिकार के साथ अपनी जगह पर डटा हुआ है।
मियर्सहाइमर ने आगे कहा,संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान के खिलाफ़ हमलों में अमेरिका और इज़राइल के साथ सहयोग किया है और युद्ध की ओर बढ़ रहा है लेकिन वे इस खेल की हैसियत नहीं रखते और अकेले ईरान के मुकाबले उनके पास कोई संभावना नहीं है।
इस राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर ने आगे कहा, यदि संयुक्त अरब अमीरात युद्ध में प्रवेश करता है तो ईरानी आसानी से उनके अलवणीकरण संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं को निशाना बना सकते हैं और उस देश को पूरी तरह से नष्ट कर देंगे संयुक्त अरब अमीरात को तुरंत ईरान के साथ समझौता कर लेना चाहिए।
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