लबनान के ऐतिहासिक शहर बालाबक में आशूरा-ए-हुसैनी के अवसर पर हज़ारों हज़रत इमाम हुसैन (अ) के चाहने वाले सड़कों पर उमड़ पड़े। उन्होंने दर्दभरे मातम और नौहाख़्वानी के माध्यम से कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा पैग़ंबर-ए-इस्लाम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन (अ) की बारगाह में अपनी श्रद्धा, प्रेम और संवेदना का इज़हार किया।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha