आशूरा (19)
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धार्मिकआशूरा की घटना आज तक क्यों ज़िंदा है?
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने 10 मुहर्रम 61 हिजरी को अपना सब कुछ क़ुर्बान करके यह साबित कर दिया कि दीन, हक़ और उसूलों पर कभी समझौता नहीं किया जा सकता।
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धार्मिकआशूरा का शिक्षात्मक संदेश: कर्बला हमेशा के लिए एक स्कूल क्यों है?
कर्बला की घटना केवल इतिहास की एक घटना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा व्यापक शिक्षालय है, जो हर दौर में इंसानियत को नई-नई सीख देता है। हुज्जतुल इस्लाम मोहसिन क़राअती ने कर्बला के शिक्षात्मक पहलुओं,…
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धार्मिकशरई अहकाम | इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी में “ज़बान-ए-हाल” पढ़ना
आयतुल्लाह शुबैरी ज़ंजानी ने इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी में “ज़बान-ए-हाल” अर्थात भावनात्मक कथन पढ़ने से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया है।
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दुनियाबहरैन के राजा द्वारा आशूरा के अवसर पर हुसैनी अज़ादारों के खिलाफ सरकारी कार्यवाहियों के समर्थन पर रिपोर्ट
बहरैन के राजा हमद बिन ईसा आल ख़लीफ़ा ने आशूरा के अवसर पर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के अज़ादारों के खिलाफ सरकार द्वारा की गई कार्यवाहियों, सख़्त सुरक्षा उपायों और प्रतिबंधों के समर्थन की घोषणा की…
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धार्मिकज़ैनब क़ुबरा (स); परचम ए तबलीग़ की ध्वजधारक
हज़रत ज़ैनब (स) ने सबसे कठिन परिस्थितियों में अहले-बैत (अ) के काफ़िले की ज़िम्मेदारी संभाली। यतीम और शोकग्रस्त बच्चे, दुखी और पीड़ित महिलाएँ, बीमार और घायल लोग—सभी उस महान महिला की ओर देख रहे…
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धार्मिकक्या इमाम हुसैन (अ) को शहीद करने वाले शिया थे?
यह दावा कि "इमाम हुसैन (अ) को शियो ने शहीद किया" न तो शिया की वास्तविक परिभाषा से मेल खाता है और न ही ऐतिहासिक प्रमाणों से। क्योंकि शिया का अर्थ है इमाम का अनुयायी और आज्ञाकारी। जो व्यक्ति इमाम…
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दुनियातंज़ानिया के शियो की इमाम हुसैन (अ) के आदर्शों के साथ पुनः बैअत
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन शेख़ हमीद जाल्लाह मवाकिंदेंघे, तंज़ानिया शिया समुदाय के वरिष्ठ शेख़ और इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) मदरसे के निदेशक, ने आशूरा के अवसर पर आयोजित विशाल और शांतिपूर्ण जुलूस…
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भारतअंजुमने शरई शियान के तहत अज़ादारी और जुलूसों का सिलसिला जारी, इमाम की पैरवी पर ज़ोर
जम्मू-कश्मीर में कश्मीर शिया शरीयत संगठन के तत्वावधान में यौम-ए-आशूरा के अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मीरगंड (बडगाम) और गुलशन बाग (श्रीनगर) के जुलूसों में दसियों हजार अज़ादारों…
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भारतइमाम हुसैन (अ) किसी एक देश या समुदाय की मिलकियत नहीं, बल्कि मोहसिन ए इंसानियत हैं: मौलाना इब्ने हसन अमलोवी
अंजुमन हुसैनिया रजिस्टर्ड अमलो के तत्वावधान में आशूरा-ए-मुहर्रम के अवसर पर अबू तालिब इमामबाड़ा, अमलो से रिवायती ताज़िया जुलूस निकाला गया।
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धार्मिकइमाम हुसैन (अ) के साथियों का चयन क्यों एक जागरूक चुनाव था?
इमाम हुसैन (अ) के साथियों की महानता इस बात में थी कि उन्होंने पूरी समझ और स्वतंत्रता के साथ उनका साथ चुना। इमाम ने आशूरा की रात अपने साथियों से बैअत को उठा लिया और जाने का रास्ता खुला छोड़ दिया,…
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गैलरीफ़ोटो / लेबनान के शहर बालाबक में आशूरा-ए-हुसैनी के अवसर पर भव्य मातमी जुलूस, हजारों अज़ादारो की भागीदारी
लबनान के ऐतिहासिक शहर बालाबक में आशूरा-ए-हुसैनी के अवसर पर हज़ारों हज़रत इमाम हुसैन (अ) के चाहने वाले सड़कों पर उमड़ पड़े। उन्होंने दर्दभरे मातम और नौहाख़्वानी के माध्यम से कर्बला के शहीदों को…
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धार्मिकआशूरा: हक़ और बातिल के संघर्ष में वफ़ादारी, त्याग और बलिदान की अमर गाथा
यौमे-आशूरा, इस्लामी इतिहास का वह महान दिन है जब हज़रत इमाम हुसैन (अ) और उनके वफ़ादार साथियों ने कर्बला के मैदान में सत्य, न्याय और इस्लाम की प्रतिष्ठा के लिए अद्वितीय बलिदान देकर अत्याचार और…
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गैलरीफ़ोटो/ क़ुम में रहने वाले भारतीय विद्वानों और छात्रों का आशूरा के दिन भव्य जुलूस का हज़रत मासूमा (स) की दरगाह पर समापन
क़ुम में रहने वाले भारतीय छात्रो ने आशूरा के दिन एक बड़ा मातमी जुलूस निकाला, जो हुसैनिया इमाम सादिक (अ) से शुरू हुआ और अपने निर्रधारित रास्तो से होते हुए हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स) की दरगाह तक…
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हौज़ा न्यूज़ से हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मुन्तज़री मुक़द्दम की बातचीत
इंटरव्यूवर्तमान समाज के लिए हज़रत सय्यद उश शोहदा (अ) के आंदोलन का संदेश और सबक
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मुन्तज़री मुक़द्दम ने कहा: हज़रत सय्यद उश शोहदा इमाम हुसैन (अ) के व्यक्तित्व को आशूरा से अलग करके नहीं समझा जा सकता। आशूरा केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि यह…
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उलेमा और मराजा ए इकरामनमाज़ में ख़ाक ए शफ़ा पर सजदा करने का रहस्य; आयतुल्लाह अल-उज़्मा वहीद खुरासानी का बयान
मरजए तकलीद आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद खुरासानी ने अहले-बैत (अ) की रिवायतों की रोशनी में हज़रत इमाम हुसैन (अ) की पवित्र मिट्टी पर सजदे की फ़ज़ीलत और उसके आध्यात्मिक रहस्यों को बयान किया है। उन्होंने…
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ईरानक्रांति के नेता की विदाई, जनाज़ा और दफ़न की रस्में आशूरा के बाद आयोजित की जाएँगी
शहीद नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई (र) के जनाज़े और दफ़न के संबंध में विशेष समिति की ओर से दूसरा आधिकारिक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह जनाज़ा कार्यक्रम आशूरा के बाद…
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दिन की हदीसः
धार्मिकअल्लाह से डर और आशा
इमाम सादिक (अ) ने एक रिवायत में अल्लाह से आशा और अल्लाह से डर के बीच की सीमा की ओर संकेत किया है।
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धार्मिकइमाम सज्जाद (अ) की माता के संबंध में दो ज़रूरी सवाल
हौज़ा / प्राचीन काल के सोर्सो में इमाम सज्जाद (अ) की माता का नाम शाहरबानू या शाह ज़ानन बताया गया है; हालाँकि, यह भी कहा जाता है कि इमाम (अ) के जन्म के समय ही उनकी मौत हो गई थी, जिसका मतलब है…
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उलेमा और मराजा ए इकराम जो कुछ ग़ज़्ज़ा में हो रहा है, वह आशूरा की तकरार हैः आयतुल्लाह हाएरी शिराज़ी
हौज़ा / ग़ज़्ज़ा की घटनाएं इस्लामी इतिहास में आशूरा की तकरार हैं; आयतुल्लाह हाएरी शिराज़ी ने ग़ज़्ज़ा के लोगों के प्रतिरोध को उत्पीड़न और अधर्म के खिलाफ "सलाम बर इस्लाम" के नारे का प्रतीक माना।