अमसिन में अंजुमन-ए-असग़रिया अमसन कलाँ के तहत ताज़ियती जलसा और मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन हुआ, जिसमें उलेमा-ए-किराम ने अहलेबैत (अ) की तालीमात, सब्र व इस्तिक़ामत और विलायत की अहमियत को उजागर करते हुए…