आज पवित्र मशहद का वातावरण शोकमय है। लाखों आँखें नम हैं और हजारों दिल दुःख से बोझिल हैं। हज़रत इमाम अली इब्न मूसा अर-रज़ा (अ.) के पवित्र रौज़े की रहमत भरी छाया में एक ऐसे मुजाहिद को सुपुर्द-ए-ख़ाक…