हौज़ा /प्रतिनिधिमंडल ने अपनी आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस बिल को जबरदस्ती पारित कराया गया तो देश के मुसलमान संविधान में दिये गये अधिकारों के तहत इस बिल के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे।