हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद मुहम्मद रज़ा गुलपाएगानी की पढ़ाई-लिखाई, और समाज से जुड़ी सेवाएं सिर्फ़ उनकी ज़िंदगी के आखिरी कुछ सालों तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि उनकी सेवाओं का दायरा एक लंबे…
हौज़ा / आयतुल्लाह गुलपाएगानी एक रूहानी हालत का वर्णन करते हैं, जिसमें वे स्वयं को मंशा ए फ़ैज़ समझते थे, लेकिन इमाम काज़िम (अ) और अमीरुल मोमेनीन (अ) से मदद मांगकर उन्होंने बंदगी की हक़ीक़त और…