आयतुल्लाह अल-उज़्मा जवादी आमोली ने घर में नमाज़, दुआ और मुनाजात के लिए एक मख़सूस जगह मुक़र्रर करने की अहमियत बयान करते हुए कहा है कि मुसल्ला महज़ नमाज़ की जगह नहीं बल्कि इसके इंसान पर रूहानी…