इबादत (10)
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ईरानअमेरिका को भूल जाओ, इबादत करो!
शैतान कभी-कभी इंसान को हलाल या यहाँ तक कि मुस्तहब कामों के ज़रिए धोखा देता है ताकि वह ज़्यादा अहम और वाजिब कर्तव्य से पीछे रह जाए। वह कहता है: "अपनी नमाज़ पढ़, अपनी इबादत कर, समाज के मामलों से…
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आयतुल्लाह शब ज़िंदादार:
उलेमा और मराजा ए इकरामदिनी समारोह और मजालिस के आयोजन में उलेमा के किरदार की अंदेखी नहीं की जानी चाहिए
हौज़ा / आयतुल्लाह मुहम्मद मेंहदी शब ज़िंन्दा दार ने कहा कि इस्लामी मआरिफ़ की नशर-ओ-इशाअत, अख़लाक़ की तरवीज और दीन की तालीमात की गहराई को बयान करना उलेमा की बुनियादी ज़िम्मेदारियों में से है।…
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धार्मिकहज़रत यूनुस अलैहिस सलाम कितनी अवधि तक मछली के पेट मे रहे?
हौज़ा / हज़रत यूनुस की कहानी एक ऐसी अध्यात्मिक यात्रा की कहानी है जो अल्लाह के संदेश से आरम्भ होकर एक अचम्भित परिक्षा तक पहुंचती है, जो ईमान, पश्चातप और अल्लाह की हिकमत के गहरे हक़ाइक़ को व्यक्त…
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ईरानमस्जिद ए जमकरान में एतेकाफ़ की शुरुआत / 3100 मोअतकिफ़ीन इबादत में मशग़ूल
हौज़ा/ 13 रजब को नमाज़-ए-फ़ज्र अदा होते ही मस्जिद-ए-मुक़द्दस जमकरान में एतेकाफ़ की शुरुआत हो गई। इस एतेकाफ़ में 3100 मोअतकिफ़ शामिल हैं।
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धार्मिकअली इमामे मन्असतो मनम ग़ुलामे अली
हौज़ा / अलीؑ मेरे इमाम हैं और मैं अलीؑ का ग़ुलाम हूँ यह सिर्फ़ शब्दो का संग्रह नहीं है, न ही किसी आरज़ी जज़्बे की बाज़गश्त, बल्कि यह एक ज़िंदा फ़िक्री अहद है, जो इंसान के बातिन में जन्म लेता…
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बच्चे और महिलाएंइबादत का बेहतरीन महीना रजब है।सुश्री नफ़ीसा हुसैनी वाइज
हौज़ा / हौज़ा इल्मिया खोवहारान गुलिस्तान की प्रिंसिपल ने कहा, इबादत का बेहतरीन रजब है रजब के महीने में बार-बार माफ़ी मांगने का आदेश है।
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धार्मिकआयतुल्लाह बुरूजर्दी (र) की नमाज़ में बारगाह ए इलाही के सामने आजेज़ी और नातवानी का एतेराफ
हौज़ा / बुज़ुर्गान ए दीन की सीरत में बंदगी का सबसे आला नमूना यह है कि वे इबादत के बाद भी अपने आपको हक़-ए-ख़ुदा अदा करने से क़ासिर समझते हैं। आयतुल्लाहिल उज़्मा बुरूजर्दी (रह.) की नमाज़ में यही…
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उलेमा और मराजा ए इकरामख़ुदा की रज़ा और खुशनुदी आवाम की खिदमत में हैंः आयतुल्लाह सईदी
हौज़ा / आयतुल्लाह सैयद मोहम्मद सईदी ने कहा,दुनियावी मंसब और नेमतें ख़ुदा की अमानत हैं और हर ज़िम्मेदार क़यामत के दिन अपने अमल के बारे में जवाबदेह होगा।
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धार्मिकशरई अहकाम । मरजा ए तक़लीद के बिना की गई इबादात का क्या होगा?
हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनेई ने हाल ही में मुक़ल्लिद बने एक व्यक्ति की पिछली इबादात के हुक्म के बारे में एक सवाल का जवाब दिया है।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 40
धार्मिकइमाम, इलाही रहमत के अवतार
हौज़ा / इमाम ज़माना (अलैहिस्सलाम) भले ही ग़ायब हैं, लेकिन वह एक रहमत का बादल हैं जो हमेशा बरसता रहता है। वह लोगों के सूखे रेगिस्तान को जीवन और खुशियाँ देता है। जो व्यक्ति इस प्यार के केंद्र से…