हौज़ा / शब ए हिजरत का सबक सिर्फ़ तारीख़ का एक बाब नहीं, बल्कि हर दौर के अहल-ए-ईमान के लिए चराग़-ए-राह है। यह हमें तालीम देता है कि हक़ की बक़ा के लिए ज़ाती मुफ़ाद को क़ुर्बान करना ही ईमान की…
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.ने हज़रत फातेमा ज़हेरा को पांच कीमती कालिमात सिखाए,हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा ने फ़रमाया,दुनिया के लिए गई थी, लेकिन आख़िरत का ज़ाद-ए-राह लेकर आई हूँ।