हौज़ा / हर क़त्ल के लिए तलवार ही सबब नहीं बनती, बल्कि बाज़ औकात हक़गोई भी कत्ल का सबब बन जाती है। बाज़ मक़्तूलों को नेज़े नहीं छेदते, बल्कि सच्चाई के दुश्मन उन्हें लहूलुहान कर देते हैं। और बाज़…