ईद-उल-अज़हा ख़ुदावंदी इताअत, इबराहीमी ईसार और इंसानियत नवाज़ी का अज़ीम पैग़ाम लेकर आती है। यह मुबारक दिन हमें याद दिलाता है कि अल्लाह तआला की रज़ा के सामने दुनिया की हर प्यारी चीज़ क़ुरबान की…
हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने मुस्तहब कुर्बानी के समय के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।