कैथोलिक जगत के नेता पोप लियो ने अमेरिका और ज़ायोनी शासन के अतिक्रमण के कारण मध्य पूर्व मे एक अनावश्यक युद्ध छेड़ने के बारे मे घोषणा की, जिसमे स्कूलो और अस्पतालो पर भी हमला हुआ।