अमीरुल मोमेनीन हज़रत (अ) नहजुल बलाग़ा की हिकमत न 106 मे फ़रमाते है कि अगर इंसान अपनी दुनिया की इच्छाओ और मफ़ादात की प्राप्ति के लिए अपने सिद्धांतो और इकदार की अंदेखी कर तो ऐसा सौदा न केवल यह…