हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) ने एक हदीस में अल्लाह के डर से पाप छोड़ने के इनाम की ओर संकेत किया है।
इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में मनुष्य के अहंकार की बेबुनियादी और उसके अंत की तुच्छ एवं भौतिक अवस्था की ओर इशारा किया है।