पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने इमाम रज़ा (अ) की ज़ियारत के असर के बारे में इशारा किया है।
इमाम रज़ा (अ) ने एक रिवायत में कहा है कि शाबान के मुबारक महीने के अंतिम क्षणो का लाभ उठाएँ।