हौज़ा / बाहरी रूप से सरल और आर्थिक तंगी में बीते जीवन के पीछे त्याग, प्रेम और बलिदान की एक ऐसी दास्तान छिपी है, जिसका फल इस्लामी दुनिया को तफ़सीर अल-मीज़ान के रूप में एक महान बौद्धिक खज़ाने के…
हौज़ा / शहीद हम से कहते हैं,और अपने पसमांदगान के बारे में भी, जो अभी उनके पास नहीं पहुंचे हैं, ख़ुश और मुतमइन हैं कि उन्हें कोई ख़ौफ़ नहीं हैऔर न ही कोई हुज़्न व मलाल है बस खाली वह चाहते हैं…