आयतुल्लाह आराफ़ी ने कहा: शहीद रहबर (र) के ख़ून का बदला लेना इस्लामी उम्मत का धार्मिक, कानूनी और नैतिक अधिकार है और यह अधिकार अत्याचार और आक्रमण के विरुद्ध प्रतिरोध, इस्लामी शक्ति के सुदृढ़ीकरण…