पैग़म्बर (स) ने एक रिवायत में अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) के स्थान और मुनाफ़िक़ों के जीवन में दौलत की भूमिका को बयान किया है।
हौज़ा / फ़ज़्लुल्लाह नेज़ाद ने कहा, आज छात्र जैसी जिम्मेदारी सिर्फ़ आध्यात्मिक माहौल बनाना नही है बल्कि छात्रो को मीडिया को समझना, महारते सीखना और समाज और संस्कृति पर प्रभाव डालने के क्षेत्र…