हौज़ा/गवाही को छुपाना ऐसे आदमी के लिए की जिसने किसी मौके पर इस गवाह बनाया हो,और फिर जब उसे गवाही ली जाए तो गवाही न दे, बल्कि जब मज़लूम और ज़ालिम को लोग ना समझ पा रहे हो तो ज़रूरत पड़ने पर अगर…