आयतुल्लाहिल उज़्मा शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई (र) ने "किसी जानकार व्यक्ति के सामने मोमिन की ग़ीबत करने" के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दिया है।
हौज़ा/ ग़ीबत एक ऐसा पाप है जो बहुत आसानी से ज़बान पर आ जाता है, लेकिन इसके परिणाम दुनिया और आख़िरत, दोनों में बेहद गंभीर होते हैं। ज़बान के ज़रिए होने वाले इस हक़्क़ुन नास से निजात के लिए चार…