अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत मे जमाख़ोरी की निंदा की है।
हौज़ा/अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अलैहिस सलाम) ने इस हदीस में बुरे आचरण का व्यक्ति की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को बताया है।