कुरआन-ए-करीम की महानता के लिए इतना ही पर्याप्त है कि यह अल्लाह का कलाम है। यह किसी इंसान की रचना नहीं, बल्कि कायनात के पैदा करने वाले का वह संदेश है, जिसे उसने इंसान की हिदायत के लिए नाज़िल किया।…