हौज़ा / हुज्जतुल-इस्लाम बसीरती ने कहा: शहीद रईसी अपने पद को शक्ति का साधन नहीं बल्कि जिहाद (संघर्ष) का मैदान मानते थे। शहीद जुमहूर (शहीद राष्ट्रपति) का प्रशासनिक मामलों की देखरेख का दृष्टिकोण…