इमाम जवाद (अ) तक़वा और परहेज़गारी की मिसाल थे। इबादत, अल्लाह का ज़िक्र और लंबे सजदे उनकी खुशगवार ज़िंदगी का हिस्सा थे। साथ ही, वे आज़ादी और आज़ादी की निशानी थे और ज़ुल्म और ज़बरदस्ती के आगे कभी…