हौज़ा /हुज्जतुल-इस्लाम वाल-मुसलीमीन मुर्तज़ा कश्मीरी ने इस शरई बुलूग उत्सव में बोलते हुए कहा कि हमारी लड़कियों को अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखते हुए अहले-बैत (अ) की ज़ीनत का कारण बनना चाहिए।