इस्लामी गणराज्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हमेशा हथियारों की होड़ के परिप्रेक्ष्य में पेश किया जाता है, जबकि ज़मीनी हक़ीक़त इस बयान से एकदम अलग हैं।