हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम नासिर ख़लज ने कहा कि अरबईन का महान आंदोलन केवल एक इबादत नहीं, बल्कि इमाम हुसैन (अ.स.) के प्रति प्रेम,आशूरा की याद को जीवित रखने और कर्बला के न्याय तथा ज़ुल्म-विरोध के…
हौज़ा / इमाम हसन असकरी अ.स. ने फ़रमाया पाँच चीज़ें मोमिन और शियों की निशानी हैं उन्हें में से एक ज़ियारते अरबईन इमाम हुसैन अ.स.चेहलुम के दिन की ज़ियारत हैं।
हौज़ा / मिर्ज़ा जवाद आक़ा मलकी तबरीज़ी (र), जो स्वयं कई बार नजफ़ से कर्बला तक पैदल गए हैं, अपनी पुस्तक "तरजुमा अल-मुराक़ेबात" में अरबईन हुसैनी के दिन ध्यान और श्रद्धा के महत्व पर ज़ोर देते हैं।