मौलाना सय्यद सलमान हुसैनी नदवी भारतीय उपमहाद्वीप के उन मुमताज़ उलेमा में शुमार होते हैं जिन्होंने अहले-बैत अतहार (अ) से मुहब्बत को न सिर्फ़ अपने दिल में बसाया बल्कि उसे अपनी फिक्र, तहरीर और ख़िताबात…
इमामों द्वारा बताए गए तरीकों के अनुसार शोक मनाना, जिसकी सच्चे और मान्य मरजा-ए-तक़लीद ने भी निरंतर प्रेरणा दी है, वही वास्तविक अज़ादारी कहलाती है। इसके अतिरिक्त जो अज़ादारी की जाए वह भावनात्मक…
जब जंग के हालात होते है तो उसमे आर्थिक चुनौतिया सामने आती है। महंगाई और बेरोज़गारी भी बढ़ती है। लेकिन यहा की सरकार का हमेशा से यह रहा है कि जनता की ज़रूरीयात पर पूरी नज़र होती है और काफ़ी मदद…
मानवता के अस्तित्व के लिए आवशयक है कि उन षडयंत्रो का पर्दा फ़ाश किया जाए। अमेरिका और इज़रायल का यह शांति गठबंधन, न्याय और समानता के हर अंतर्राष्ट्रीय मानक का उल्लंघन करता है। इतिहास साक्षी है…
हौज़ा शापित ट्रम्प ने अगर उनकी ओर आंख उठाकर भी देखा तो विश्व की शरीफ़ जनता विशेषकर इस्लामी उम्मत उसे अपने शापित इरादे मे सफ़ल नही होने देंगे चाहे उसे अपनी प्राणो की आहूती ही क्यो ना देना पड़े।