सुश्री अकरम ख़ुज़ाई ने रोज़े अरफ़ा को इस्लामी तारीख़ का बेहद फ़ज़ीलत वाला दिन क़रार देते हुए कहा है कि यह दिन तौबा, दुआ और क़ुर्बे इलाही ,अल्लाह के क़रीब होने का एक नायाब मौका फराहम करता है।