हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रज़ा रुसतमी ने पहली क़ौमी तक़रीब «नहज़त ए रिवायत-ए-हौज़ा» के इख़्तितामी मरहले में ख़िताब करते हुए कहा कि रायज “मीडिया लिटरेसी” के मुक़ाबले में “रिवायती लिटरेसी”…
हौज़ा / मैं फ़ातिमा हूँ यानी मैं मरकज़ ए इस्मत हूँ
शरीका-ए-रेसालत हूँ शाह-ए-विलायत की हमसरी और विलायत की हिफ़ाज़त करने वाली हूँ
मादर-ए-इमामत हूँ अल्लाह की हुज्जतों पर उसकी हुज्जत हूं,ख़ातिमुल…