हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मुहम्मद हसन शाबानअली ने माहे मुबारक रमज़ान को माहे नुज़ूल-ए-क़ुरआन, ज़ियाफ़त ए इलाही और ख़ुदसाज़ी, तहज़ीब-ए-नफ़्स तथा रहमत व मग़फ़िरत-ए-इलाही से इस्तिफ़ादा का क़ीमती मौक़ा…
हौज़ा /आयतुल्लाह बहजत ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया है कि पवित्र कुरान में, मुक्ति और सफलता तज़्किया नफ़्स से जुड़ी है, न कि सिर्फ़ इज्तिहाद या एकेडमिक डिग्री से।