हौज़ा / ईरान की जदीद तारीख़ में अगर कोई चीज़ तवातुर के साथ नज़र आती है, तो वो दहशतगर्दी के वाक़िआत हैं ऐसे वाक़िआत जिनमें आम शहरी, पढ़ा-लिखा तबक़ा, उलेमा, साइंसदान, दानिश्वर और रियासती ज़िम्मेदारान…