हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सुब्हानी ने कहा: समाज में बसीज की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण है, कि इमामें राहिल ने कहा था है,ए काश मैं भी बसीजी होता-