हौज़ा / सोशल मीडिया पर सच्चाई बनाए रखना बहुत जरूरी है कई बार लोग अपनी ज़िन्दगी को अनावश्यक रूप से परफेक्ट दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन असल में सच्चाई और ईमानदारी ही सबसे ज्यादा मायने रखती…
हौज़ा / इस्लामी जगत की पीड़ा के बहुत से कारण हैं जब हम फूट का शिकार हों जब एक दूसरे के हमदर्द न हों जब यहाँ तक कि एक दूसरे का बुरा चाहने वाले बन गए हों तो इसका नतीजा इज़्ज़त गवांने का सबब है।
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा सुब्हानी ने अपने दरस ए अख़्लाक़ के दरस में हसद के घातक प्रभावों पर रौशनी डालते हुए कहा कि हसद केवल एक नैतिक बीमारी नहीं है बल्कि यह इंसान के ईमान को खा जाने वाला गुनाह…